राजेन्द्र भारती को एमपीएमएलए कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद से खाली है यह सीट
भोपाल। दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गई है. इस सीट से 2023 के विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए राजेन्द्र भारती को एमपीएमएलए कोर्ट से तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी. जिसके बाद से ये सीट खाली है. चुनाव आयोग ने आज इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ पूरा चुनाव कार्यक्रम भी जारी कर दिया है. दतिया विधानसभा सीट पर वोटिंग 30 जुलाई को होगी और नतीजे तीन अगस्त को आएंगे.
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान.. ये है पूरा कार्यक्रम
दतिया विधानसभा सीट पर आखिरकार चुनाव आयोग ने उपचुनाव का ऐलान कर दिया. उपचुनाव का जो कार्यक्रम घोषित किया गया है उसमें 6 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी होगा. इसके बाद नॉमिनेशन भरने की आखिर तारीख 13 जुलाई होगी. 14 जुलाई तक नामांकन फार्म की जांच की जाएगी. उम्मीदवारों के नाम वापसी की आखिरी तारीख 16 जुलाई है. तीस जुलाई को दतिया में होने जा रहे उपचुनाव में वोट डाले जाएंगे और तीन अगस्त को मतगणना के साथ नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.
नरोत्तम ने कहा- टिकट देगी तो चुनाव लड़ेंगे
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गढ़ मानी जाती रही है ये सीट. उन्होंने इस सीट से लगातार छह विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस के राजेन्द्र भारती से हार गए थे. पूर्व मंत्री ने ईटीवी भारत से बातचीत में उपचुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि अगर पार्टी टिकट देगी तो इस सीट से चुनाव लड़ेंगे.
दतिया में मिली हार से मध्य प्रदेश के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले और एक समय बीजेपी की सरकार में नंबर टू की पॉजीशन में रहे नरोत्तम की सियासत पर ब्रेक लग गया था. विधायक का चुनाव हार जाने के बाद फिर पार्टी में उनका कहीं अन्य जगह भी पुर्नवास नहीं हुआ. हांलाकि सीट खाली हो जाने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में अपना संवाद संपर्क तेज कर दिया था.
कैसे बदला दतिया विधानसभा सीट का सीन
अप्रैल 2026 में ही जब दतिया से 2023 में विधायक चुने गए कांग्रेस नेता राजेन्द्र भारती की सदस्यता रद्द हो गई तो उपचुनाव का माहौल बनने लगा था. असल में भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद ये सीट खाली हो गई है. 25 साल पुराने भ्रष्टाचार के एक मामले में पहले निचली अदालत ने भारती को तीन साल की सजा सुनाने के साथ ही उन पर डेढ़ लाख रुपए जुर्माना भी लगाया.
आरोप था कि सहकारी बैंक का अध्यक्ष रहते हुए भारती ने एफडी में वित्तीय अनियमितताएं की थीं. हांलाकि भारती ने निचली अदालत के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में सजा पर रोक और जमानत के लिए अपील दायर की है. इस मामले की सुनवाई 29 जुलाई को होनी है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव का ऐलान, नरोत्तम बोले- अगर पार्टी टिकट देगी तो लड़ूंगा चुनाव
