गालिब की गजलों से सजेगी खूबसूरत शाम, मुशायरा का होगा आयोजन
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में एक बार फिर ‘इबारत‘ में अदब की महफिल सजाने के लिए देश-विदेश से प्रसिद्ध रचनाकार शिरकत कर रहे हैं। उर्दू के महान कवि गालिब की स्मृति में 07 और 08 फरवरी को आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा आयोजित उर्दू कविता का वार्षिक प्रतिष्ठा आयोजन ‘इबारत-17‘ होने जा रहा है। इस बार कविता पाठ के अलावा गालिब की गजलों से खूबसूरत शाम महकती नजर आएगी।
भारतीय काव्य परम्परा और गालिब विषय पर होगा विमर्श
संस्थान के तुरारी परिसर में लियोनार्डो द विंची ब्लॉक स्थित उस्ताद अलाउद्दीन खान सभागार में 17 फरवरी शुक्रवार को दोपहर 3ः00 बजे से ‘भारतीय काव्य परम्परा और गालिब‘ विषय पर विद्वत विमर्श का आयोजन किया जा रहा है। जहां पदमश्री अलंकृत शीन काफ निजाम द्वारा ‘गालिब का तिलिस्म‘ पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसी तरह नन्दकिशोर आचार्य द्वारा ‘गालिब और आधुनिकता‘ विषय पर और फरहत अहसास द्वारा ‘ गालिब की सौंदर्यदृष्टि और अस्तित्व बोध‘ विषय पर विचार व्यक्त किए जाएंगे।
गालिब की गजलों से सजेगी खूबसूरत शाम
संस्थान के सिथौली परिसर स्थित नाद मुक्ताकाश में 07 फरवरी शुक्रवार को आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा आयोजित उर्दू कविता का वार्षिक प्रतिष्ठा आयोजन ‘इबारत-17‘ में गालिब की गजलों से खूबसूरत शाम सजेगी। यह आयोजन शाम 6 बजे से शुरू होगा। जहां सुप्रसिद्ध गायक सुधीर नारायण द्वारा गालिब की गजलों का गायन किया जाएगा। वहीं संगतकार खुशी सोनी, देशपीद शर्मा, रमेश चंद, राजू पांडे, राज मैसी शामिल होंगे।
मुशायरा का होगा आयोजन
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा आयोजित उर्दू कविता का वार्षिक प्रतिष्ठा आयोजन इबरात के 17वें संस्करण में शनिवार 8 फरवरी को शाम 6.30 बजे से संस्थान के सिथौली परिसर स्थित नाद मुक्ताकाश में मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। जहां ‘कविता कैसे सुनी जाए‘ का विवेचन किया जाएगा। इसके साथ ही ख्यात रचनाकार प्रोफेसर वसीम बरेलवी, पदमश्री अलंकृत शीन काफ निजाम, फरहत अहसास, शारिक कैफी शामिल होने आ रहे हैं। वहीं संयोजन संचालन मशहूर शायर मदन मोहन ‘दानिश‘ द्वारा किया जायेगा।
देशभर के साहित्य प्रेमियों के दिलों में ‘इबारत‘ ने बनाई एक खास जगह
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा उर्दू कविता का आयोजन ‘इबारत‘ स्वयं में अद्भुत और अनूठा है। आम मंचीय आयोजनों से परे ‘इबारत‘ अपनी अदबी प्रतिष्ठा के लिये देशभर विख्यात हो चला है। ‘इबारत‘ ने शहर और देश के साहित्य प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह बना ली है। गत वर्ष इबारत के 16वें संस्करण में जाने-माने रचनाकार फरहत एहसास (नोएडा), अमीर इमाम (संभल), अजीज नबील (दोहा, कतर), मुकेश आलम (लुधियाना), वरुन आनन्द (जलंधर) और दिल्ली से आए खालिद जावेद ने शिरकत की थी। वहीं 15वें संस्करण में जाने-माने रचनाकार फहमी बदायूंनी (बदायूं), शकील आजमी (मुंबई), डॉ. सुनील पंवार (बेंगुलुरु), अजहर इकबाल (मेरठ) और आशू मिश्रा (बरेली) ने शिरकत की थी। वहीं इवारत के चौहदवें संस्कारण में जाने-माने रचनाकार प्रो. शहपर रसूल (दिल्ली), दीप्ति मिश्रा (मुम्बई), इकबाल अशहर (दिल्ली), चराग शर्मा (चन्दौसी) शिरकत की थी। इबारत के ऑनलाइन हुए तेरहवें संस्करण में फरहत अहसास, इशरत आफरीन (अमेरिका), साइंटिस्ट व शायर डॉ नौशाद असरार (अमेरिका), दोहा कतर से अजीज नबील ने शिरकत की थी।
आईटीएम की तरफ से निःशुल्क वाहन व्यवस्था
इबारत-16 में उर्दू कविताओं का लुत्फ लेने शहर से पहुंचने वाले श्रोताओं के लिए आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की ओर से बस की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। जो 7 और 8 फरवरी को शहर के चेतकपुरी चौराहे से शाम 5.30 बजे कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना होगी। कार्यक्रम समाप्ति के बाद श्रोताओं को वापस उसी स्थान पर छोड़ेगी।
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में शुक्रवार 7 फरवरी से‘इबारत-17‘ का आयोजन होगा
