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दिग्विजय सिंह को धर्म विरोधी बताकर वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा ने राजनीति से लिया संन्यास - Nand Kesari || Top News || Latest News

दिग्विजय सिंह को धर्म विरोधी बताकर वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा ने राजनीति से लिया संन्यास

ग्वालियर। इस वक्त की एक बड़ी खबर मध्य प्रदेश से निकलकर सामने आ रही है। महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा के अचानक राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर देने से कांग्रेस को बडा झटका दिया है। वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा ने शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे अब कभी राजनीति में नहीं आएंगे। वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा कांग्रेस से बेहद खफा नजर आये खासकर दिग्विजय से उन्होने अपनी नारजगी जगजाहिर कर दी। पत्रकारों से उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए उन्होंने सर पर कफन बांधकर संघर्ष किया था, लेकिन उनके ऊपर झूठे मामले लगाए गए। इतना ही नहीं जब वह सभी मामलों में बाइज्जत बरी हो गए,तो कोई कांेग्रेसी भी उनके साथ खड़ा नहीं हुआ। विशेष कर दिग्विजय सिंह ने उनके समर्थन में कुछ नहीं कहा, जिससे बाद निष्कर्ष पर पहुंचे कि वे लोग धर्म विरोधी हैं।
दरअसल, में महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी को मिर्ची बाबा के नाम से भी जाना जाता है। वैराग्यानंद गिरी ने आगे कहा कि वे हमेशा सच्चाई की पक्षधर रहे हैं और अपने धर्म और गौ माता की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने यह विश्वास जताया कि, एक दिन गौ माता को सम्मानजनक दर्जा मिलेगा और देश हिंदू राष्ट्र बनेगा। इसके अलावा, उन्होंने मिर्ची बाबा के नाम पर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका नाम मिर्ची बाबा नहीं है और वे निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर हैं। इसके अलावा, जिन्होंने भी उनका नाम मिर्ची बाबा रखा, उसके खिलाफ वे कोर्ट गए हैं। वैराग्यानंद गिरी ने राजनीति से संन्यास लेने का निर्णय इस कारण लिया क्योंकि उन्हें कांग्रेस में संघर्ष के बावजूद झूठे मामले लगाए गए थे, और जब वे बरी हो गए, तो कोई भी उनके समर्थन में नहीं खड़ा हुआ। वैराग्यानंद गिरी ने स्पष्ट किया कि उनका नाम मिर्ची बाबा नहीं है, वे निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर हैं। उनका नाम वैराग्यानंद गिरी है और मिर्ची बाबा के नाम पर आरोप लगाने वालों के खिलाफ उन्होंने कोर्ट का रुख किया है।वैराग्यानंद गिरी हमेशा सच्चाई के पक्षधर रहे हैं और अपने धर्म तथा गौ माता की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे। उनका विश्वास है कि एक दिन गौ माता को सम्मानजनक दर्जा मिलेगा और भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। वैराग्यानंद गिरी ने स्पष्ट तौर से एलान किया है कि वे राजनीति से पूर्णतः संन्यास ले चुके हैं अब कभी राजनीति में नहीं आएंगे।

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