इथेनॉल मिश्रण नीति पर गडकरी के मजबूत वकालत पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
नई दिल्ली । केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के खिलाफ सोशल मीडिया पर हाल ही में चलाया गया अभियान उन्हें निशाना बनाने के लिए था. उन्होंने इथेनॉल के लाभों के बारे में बताते हुए कहा कि, इससे किसानों को 45 हजार करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
केंद्र की मोदी सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण को बढ़ावा दे रही है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) पेट्रोल के साथ मिश्रित इथेनॉल बेचती हैं. बताते चले कि, इस महीने की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की शुरुआत के खिलाफ एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था.
राष्ट्रीय राजधानी में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के 65वें वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए, गडकरी ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण पर चिंताओं का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि, ई 20 कार्यक्रम के संबंध में, ऑटोमोबाइल निर्माण कंपनी, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) और सियाम ने अपने निष्कर्षों में स्पष्टता दी है. उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट में भी इस संबंध में एक बहुत ही स्पष्ट निर्णय लिया गया है.
इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के खिलाफ सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि, सोशल मीडिया पर इथेनॉल के खिलाफ एक पेड अभियान चलाया गया. उन्होंने कहा कि, इस अभियान में कोई तथ्य नहीं था. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि, इथेनॉल के खिलाफ अभियान राजनीतिक रूप से उन्हें निशाना बनाने के लिए था.
गडकरी ने आगे कहा कि, हमारा फॉसिल फ्यूल आयात 22 लाख करोड़ रुपये का है. यह और बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि, जिस तरह से मांग बढ़ रही है, उसमें भी वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि, वायु प्रदूषण को कम करना केंद्र सरकारी की नीति है।
इथेनॉल के लाभों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, यह आयात का विकल्प, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने का हवाला देते हुए, गडकरी ने कहा कि, हमने मक्के से इथेनॉल बनाने का फैसला किया. इससे किसानों को 45,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ।
उन्होंने कहा कि, मक्के का मूल्य जो पहले 1,200 रुपये प्रति क्विंटल था, आज 2,800 रुपये है. मक्के के लिए हमारा न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,800 रुपये प्रति क्विंटल और बाजार मूल्य 1,200 रुपये प्रति क्विंटल था. इथेनॉल शुरू करने के बाद, इससे किसानों को 4,5000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
जैव ईंधन के उपयोग पर जोर देते हुए, मंत्री ने कहा कि इससे घरेलू बाजार को फायदा होगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ेगी. गडकरी ने सड़क सुरक्षा पर भी बात की और कहा कि यह सत्तारूढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अपने मंत्रालय द्वारा निर्धारित सड़क सुरक्षा मानदंडों को अपनाने के लिए ऑटोमोबाइल उद्योगों की सराहना की. गडकरी ने कहा कि, सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते, कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री से इथेनॉल मिश्रण नीति की उनकी मजबूत वकालत पर सवाल उठाया था. विपक्ष ने आरोप लगाया था कि इसमें स्पष्ट रूप से हितों का टकराव शामिल है क्योंकि उनके दो बेटे इथेनॉल के मुख्य आपूर्तिकर्ता हैं।
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