पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को 21वीं किस्त ट्रांसफर की

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पीएम-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त ट्रांसफर की. प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कोयंबटूर से योजना के 9 करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई. इससे पहले दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया गया.
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत, पात्र किसानों को हर चार महीने में 2000 रुपये – यानी कुल 6,000 रुपये सालाना सहायता राशि – सीधे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजी जाती है।पिछली 20वीं किस्त अगस्त में जारी की गई थी, जिससे 2.4 करोड़ महिला किसानों सहित 9.8 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ हुआ था. योजना की पहली 20 किस्तों में प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना के तहत 3,90,000 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है।
पीएम मोदी ने किसानों को किया संबोधित
इसके बाद पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, मैं तमिलनाडु के सभी लोगों का अभिवादन करता हूं. मैं इस कार्यक्रम में एक घंटा देर से आया हूं, इसके लिए मैं आपसे क्षमा चाहता हूं. यहां, किसान संघ के अध्यक्ष, पीआर पांडियन ने बहुत अच्छा भाषण दिया. मेरी अक्सर इच्छा होती है कि काश मैंने तमिल सीखी होती. इस संबंध में मैंने तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि से पांडियन की टिप्पणियों का हिंदी या अंग्रेजी में अनुवाद करने का आग्रह किया है. जब मैं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा, तो कई लोग अपने तौलिये लहरा रहे थे। मुझे भी लगा कि क्या यहां बिहार की हवा चलने लगी है?
उन्होंने आगे कहा, यह कोयंबटूर कई विशेषताओं से युक्त है. मरुधमाला के भगवान मुरुगा यहां विराजमान हैं. कोयंबटूर के सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति के रूप में हमारा नेतृत्व कर रहे हैं. इसके अलावा, कोयंबटूर दक्षिण का शक्तिपीठ है. यह कपड़ा क्षेत्र में भारतीय राष्ट्र में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है. यहां जैविक खेती एक महत्वपूर्ण चीज है।
पीएम मोदी ने कहा कि हालांकि मैं इसे समझ नहीं पाया, लेकिन मैंने इसे पूरी तरह महसूस किया. अगर मैं इस सम्मेलन में नहीं आता, तो मुझे बहुत सी बातें पता नहीं चलतीं. युवा कृषि का आधुनिकीकरण कर रहे हैं. आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा. इसकी गूंज विश्व पटल पर सुनाई देगी।
छोटे किसानों के लिए अब तक 4 लाख करोड़ रुपये तक जारी किए जा चुके हैं. कृषि में रसायन हमारी मिट्टी की उर्वरता को नष्ट कर देंगे. इससे धीरे-धीरे बचना चाहिए. किसानों को पूरी तरह से जैविक खेती की ओर लौटना चाहिए. जैविक खेती इस सदी की प्रमुख आवश्यकता है. जीएसटी में कमी से किसान खुश हैं. यह सरकार किसानों की प्रगति के लिए कई प्रोत्साहन दे रही है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों की आय बढ़ाना, प्रत्येक फसल चक्र के अंत में अनुमानित कृषि आय के अनुरूप, उचित फसल स्वास्थ्य और उचित उपज सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न आदानों की खरीद में किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है. इसके अलावा योजना मकसद किसानों को साहूकारों के चंगुल में फंसने से बचाना और कृषि गतिविधियों में उनकी निरंतरता सुनिश्चित करना भी है.
कैसे पता करें आप लाभार्थी हैं या नहीं?
अगर आपको इस बात की जानकारी नहीं है कि आप योजना के लाभार्थी हैं या नहीं तो पीएम किसान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट चउापेंद.हवअ.पद पर जाकर बेनेफिशियरी लिस्ट में अपना नाम और योजना का स्टेटस देख सकते हैं.
वहीं, अगर किसी किसान को योजना संबंधी किसी भी तरह की समस्या पर हौ तो वह ईमेल आईडी चउापेंद-पबज/हवअ.पद पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा वे पीएम किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 (ज्वसस थ्तमम)या फिर 011-23381092 पर कॉन्टैक्ट कर सकते हैं।

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