भोपाल। सरकारी निर्माण कार्य में किसानों की जमीन जाने पर अब उन्हें 4 गुना मुआवजा प्राप्त होगा. किसानों को मुआवजे का लाभ दिलाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्माण लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों को 4 गुना मुआवजा दिए जाने के लिए नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है. इसको लेकर प्रदेश के किसान और किसान संगठनों द्वारा लंबे समय कसे मांग की जा रही है. कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के किसानों को अब मल्टीप्लिकेशन फैक्टर 2 के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण में मिलेगा 4 गुना मुआवजा
सड़क आदि जैसे सरकारी योजना में किसानों की जमीन आने पर पर्याप्त मुआवजा न मिलने को लेकर किसानों द्वारा योजना का विरोध जताया जाता रहा है, लेकिन अब राज्य सरकार ने मुआवजा 4 गुना तक दिए जाने का निर्णय किया है. कैबिनेट की बैठक में इसके नियमों में बदलाव की मंजूरी दे दी गई है. प्रदेश में भूमि अर्जन के लिए पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 लागू है, यह नियम केन्द्र सरकार के 2013 के अधिनियम पर आधारित है.
मोहन यादव कैबिनेट की बैठक
केन्द्र सरकार के एक्ट की प्रथम अनुसूचि में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिग्रहण होने पर बाजार मूल्य को 1 से 2 के बीच के फैक्टर से गुणा करने का प्रावधान है. हालांकि यह तय करने का अधिकार राज्य सरकारों को है. मध्य प्रदेश में अभी ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण होने की स्थिति में आमतौर पर फैक्टर 1.00 निर्धारित किया गया है. राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने बताया कि ष्फैक्टर एक में किसानों को दोगुना मुआवजा दिया जाता है, लेकिन अब इसमें फैक्टर दो लागू किया गया है. यानी किसानों को भूमि अधिग्रहण की स्थिति में 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा।
33 हजार से करोड़ के निर्माण कार्यों को मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में निर्माण कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ से ज्यादा के कामों को मंजूरी दे दी गई. उज्जैन की इंदु रूदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 151 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. इससे 10 हजार 800 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र सिंचित होगी. 35 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा. लोकनिर्माण विभाग के तहत 25 हजार 164 करोड़ के कामों को स्वीकृति दी गई है. ग्रामीण सड़क और जिला मार्गों के उन्नयत और निर्माण के लिए 6050 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है.
पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1087 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. भवनों के मरम्मत और संपत्तियों के संधारण के लिए 735 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. पुलों के निर्माण के लिए 9950 करोड़ की स्वीकृति दी गई है.
प्रदेश के कक्षा 6वीं और 9वीं के स्टूडेंट्स को अगले 5 साल तक निशुल्क साइकिल वितरण योजना का लाभ मिलता रहेगा. इस योजना को जारी रखने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है. इसके लिए 990 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. प्रदेश में टीचर्स की ट्रेनिंग के लिए संचालित शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान को बेहतर बनाए जाने के लिए कैबिनेट के 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
एमपी:सरकारी निर्माण कार्य में जमीन जाने पर मोहन यादव सरकार देगी 4 गुना मुआवजा
