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एमपी: क्रूज हादसे के तीसरे दिन मिला 4 साल के बच्चे का शव, दुर्घटना में मां पहले ही गंवा चुकीं जान - Nand Kesari || Top News || Latest News

एमपी: क्रूज हादसे के तीसरे दिन मिला 4 साल के बच्चे का शव, दुर्घटना में मां पहले ही गंवा चुकीं जान

जबलपुर के बरगी बांध में अभी भी लापता हैं 3 लोग, तलाश जारी
जबलपुर। बरगी बांध में क्रूज हादसे की घटना में शनिवार को 10वां शव मिला. यह शव 4 साल के एक छोटे बच्चे विराज सोनी का है. विराज सोनी की मां नीतू सोनी की पहले ही इस हादसे में जान जा चुकी है. अभी भी तमिलनाडु से आए एक परिवार के 3 सदस्यों के शव बरामद नहीं हो पाए हैं. एनडीआरआफ और एसडीइआरएफ की टीम उनकी तलाश कर रही है।
30 अप्रैल से लापता विराज का मिला शव
कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले सोनी परिवार की एक बेटी नीतू सोनी अपने बेटे विराज सोनी के साथ अपने माता-पिता के घर में रहती थीं. नीतू सोनी अपने 4 साल के बेटे विराज के साथ 30 तारीख को अपने मामा मामी और मौसी राखी सोनी के साथ बरगी बांध गईं थीं. यहां 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे में नीतू सोनी की मौत हो गई थी और विराज उसी समय से लापता था.
घर में सभी का चहेता था विराज
नीतू की बहन राखी सोनी ने बताया, ष्विराज का जन्म यहीं हुआ था, वह बीते 4 साल से नीतू के साथ यहीं रह रहा था और पूरे घर का स्नेह उसके साथ था. नीतू ज्यादातर समय अपने मायके में ही रहती थी, इसलिए विराज की वजह से इस घर में रौनक थी. 30 तारीख को हम लोग जब गए थे, तब विराज मस्ती कर रहा था. उसने सफेद कुर्ता पजामा पहना हुआ था और वह पूरे नाव पर दौड़ रहा था।
विराज को याद कर रो पड़ीं मौसी
राखी सोनी ने बताया, ष्वह कई बार मेरे पास आया और उसने कहा की मौसी मेरी फोटो लीजिए लेकिन हमें बिल्कुल भी अंदाज नहीं था कि यह खुशियां बहुत ज्यादा देर की नहीं हैं. ये सोचते ही वे भावुक हो जाती हैं. देखते ही देखते अचानक नाव हिलने लगी और चीख पुकार मच गई. हालांकि इसके बावजूद विराज को हम पकड़े रहे. मेरे साथ 2 बच्चे और थे. हमने एक-एक करके निकलने की कोशिश की लेकिन नाव और डूबने लगी और हम लोग बिछड़ गए. इसके बाद हमें तो रेस्क्यू करके बचा लिया गया लेकिन नीतू को नहीं बचाया जा सका और उसकी मृत्यु हो गई. वहीं विराज का पता नहीं लग रहा था और पिछले 2 दिनों से ही उसकी खोजबीन जारी थी।
राखी सोनी ने बताया कि ष्जब क्रूज जाने के लिए तैयार था, हम क्रूज में बैठ चुके थे लेकिन जबरन क्रूज को डिले किया जा रहा था जबकि हवाएं तभी चलना शुरू हो गई थीं. हमें ऐसा लग रहा था कि क्रूज में ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर को बैठने के लिए उसे जबरन रोका गया था. यदि क्रूज पहले रवाना हो जाता तो शायद ऐसी घटना ना घटती.
लाइव जैकेट के लिए करना पड़ा झगड़ा
इस हादसे के दौरान इस परिवार के साथ विकास सोनी भी मौजूद थे. विकास ने बताया कि बहुत झगड़ा करने के बाद लाइव जैकेट निकलना शुरू किया गया और एक-एक करके कई लोगों को लाइव जैकेट पहनवाएं लेकिन उसके बावजूद भी अपनी बहन और उसके बच्चे को नहीं बचा सके।

जिस समय हम राखी सोनी से बात कर रहे थे उसी समय उनके भाई के मोबाइल पर एक फोन आया, जिसमें बताया गया कि खोज करने वाली टीम ने विराज को ढूंढ़ लिया है. इसके बाद पूरा परिवार विराज सोनी को लेने के लिए मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हो गया।

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