चरणबद्ध रूप से प्रदेश भर में चलाई जाएंगी 2432 बसें
भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और प्रदेश से सटे राज्यों के बीच बस संचालन की और बेहतर व्यवस्था होने जा रही है. मध्य प्रदेश में 21 साल बाद प्रदेश और आसपास के राज्यों में सरकारी कंपनी की बसें दौड़ती दिखाई देंगी. जुलाई-अगस्त माह से इंदौर से इन बसों की शुरुआत होने जा रही है. जुलाई से इंदौर में पीएम ई बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत भी होने जा रही है. इसके बाद चरणबद्ध रूप से प्रदेश भर में 2432 बसें चलाई जाएंगी.
प्रदेश में बसों का संचालन शुरू कराने के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचाक मंडल की बैठक की गई. बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह मौजूद थे. बैठक में परिवहन विभाग द्वारा बताया गया कि सुगम बस सेवा के संचालन के लिए प्रदेश को 7 क्षेत्रों इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर रीवा में बांटा गया है. इसमें सबसे पहले इंदौर संभाग के सभी जिलों और इंदौर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड द्वारा बसों का संचालन किया जाएगा.
इंदौर से जुलाई से शुरू होगी शुरुआत
इंदौर से तीन स्तर पर जुलाई माह से बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा. इस सेवा के शुरू होने के बाद इंदौर से प्रदेश के किसी भी शहर में बस से सफर किया जा सकेगा. इसके लिए इंदौर से प्रदेश के दूसरे जिलों को जोड़ने वाली इंटरसिटी मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा. इसके अलावा इंदौर से सटे आसपास के उपनगरों में भी बसों का संचालन किया जाएगा. इसके लिए 28 मार्गों को चिह्नित किया गया है.
साथ ही इंदौर संभाग से आसपास के राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जाने वाले रास्तों पर अनुबंध के तहत बसें चलाई जाएंगी. इस रूट पर 101 बस रूट के अनुबंध किए गए हैं. इंदौर में जुलाई माह से करीबन 1688 बसों का संचालन किया जाएगा. इसके अलावा जुलाई से पीएम ई-बस सेवा के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसें भी इंदौर की सड़कों पर दौड़ती दिखाई देंगी.
पूरे प्रदेश में चलेंगी 5206 बसें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इंदौर की तरह बाकी 6 प्रमुख शहरों से भी इसी तरह बसों का संचालन किया जाएगा. इसके लिए 1164 बस रूट चिह्नित किए गए हैं. इन रूटों पर 5206 बसें चलाई जाएंगी. ये बसें सड़क पर दौड़ रही निजी बसों से अलग होंगी और पूर्व से चल रही निजी बसों के संचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. बैठक में इन बसों के संचालन के लिए बनाई गई 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियों और राज्य स्तरीय कमेटी के लिए पदों की स्वीकृति दे दी गई.
इन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के अलावा अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को लिया जाएगा. संविदा और प्रतिनियुक्ति पर भी कर्मचारियों-अधिकारियों को लिया जाएगा. राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी बाकी 7 सहायक कंपनियों में 1190 पदों पर भर्ती की जाएगी।
एमपी: 21 साल बाद प्रदेश में दौड़ेंगी सरकारी बसें, इंदौर में जुलाई से होने जा रही शुरुआत
