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ग्वालियर केंद्रीय जेल में कथित धन उगाही और नशे की सप्लाई के वीडियो सामने आने के बाद जेल विभाग का एक्शन - Nand Kesari || Top News || Latest News

ग्वालियर केंद्रीय जेल में कथित धन उगाही और नशे की सप्लाई के वीडियो सामने आने के बाद जेल विभाग का एक्शन

जेल अधीक्षक विदित सिरवैया का शिवपुरी ट्रांसफर
ग्वालियर। केंद्रीय जेल अधीक्षक विदित सिरवैया के खिलाफ जेल में अवैध धन उगाही और नशा बिकवाने जैसे गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन ने एक्शन लिया है. जेल विभाग ने उन्हें ग्वालियर सेंट्रल जेल से हटाकर शिवपुरी ट्रांसफर कर दिया है. एक दिन पहले ही विदित सिरवैया ने अपने साथ ब्लैकमेलिंग के आरोप में एक पूर्व कैदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. मामला सामने आने के बाद पूर्व कैदी ने सामने आकर जेल अधीक्षक विदित सिरवैया पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस के सामने सबूत पेश कर मदद की गुहार लगाई है.
जेल अधीक्षक ब्लैकमेलिंग मामले की असली सच्चाई
असल में ग्वालियर सेंट्रल जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने दो दिन पहले बहोड़ापुर पुलिस को एक शिकायती आवेदन दिया था, जिसमें उन्होंने खुद को ब्लैकमेल किए जाने की शिकायत की थी, निलंबित प्रहरी पवन कुमार शर्मा और कुछ समय पहले जेल से छूटे बंदी रिशपाल सिंह पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था. इस मामले की पुलिस जांच कर रही है, क्योंकि कथित ब्लैकमेलिंग के कुछ वीडियो भी सर्कुलेट हुए थे, जिनमें जेल के अंदर बीड़ी और नशे की खरीद फरोख्त कैदियों और जेल से जुड़े लोगों के बीच होती दिखाई गई थी. इनके पीछे जेल अधीक्षक का हाथ बताया गया था.
ग्वालियर जेल की शिकायत सीएम तक पहुंची
ब्लैकमेलिंग का आरोप लगने के बाद पूर्व बंदी रिशपाल सिंह ने भी बुधवार को ग्वालियर पुलिस अधीक्षक को केंद्रीय जेल अधीक्षक विदित सिरवैया के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया है, साथ ही जेल अधीक्षक द्वारा झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की साजिश का भी गंभीर आरोप लगाया है. रिशपाल सिंह ने कहा, ष्केंद्रीय जेल अधीक्षक विदित सरवरिया द्वारा मुझ पर पांच लाख रुपए की ब्लैकमेल का आरोप लगाया गया है, जबकि जिस नंबर से उन्हें मेसेज किया गया है. वह मेरा फोन नंबर नहीं है. मैंने जेल के अंदर होने वाले अवैध गतिविधि की शिकायत मुख्यमंत्री मोहन यादव से की थी।
जांच प्रभावित करने का प्रयास कर रहे जेल अधीक्षक
पीड़ित रिशपाल सिंह ने कहा, ष्जेल मंत्रालय द्वारा जेल अधीक्षक पर एक जांच बैठाई थी, लेकिन जेल अधीक्षक जांच को प्रभावित करने के प्रयास कर रहे थे. इसलिए मैंने मुख्यमंत्री और जेल विभाग से जांच पूरी होने तक उन्हें लूपलाइन में रखने की मांग की गई थी. इसी बात से चिड़कर मेरे ऊपर ब्लैकमेलिंग जैसे झूठे आरोप लगाए हैं. जेल विभाग ने उन्हें अभी शिवपुरी अटैच किया है, लेकिन उन्हें लूप लाइन में रखना चाहिए.ष् इस मामले में थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने कहा, श्श् पहले जेल अधीक्षक की ओर से एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें उनके साथ ब्लैकमेलिंग के प्रयास के संबंधित शिकायत की गई है. वहीं, पूर्व बंदी द्वारा भी उनपर आरोप लगाए गए हैं. मामले की जांच की जा रही है।

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