डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा की शिवपुरी में भी मिली पोस्टिंग की जानकारी
शहडोल। रीवा लोकायुक्त की टीम ने शहडोल के जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा को हाल ही में रिश्वत लेते पकड़ा था, अब उन्हीं से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें डॉक्टर की एक ही समय में मध्य प्रदेश के 2 अलग-अलग जिलों में पोस्टिंग थी. मामले के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
एक डॉक्टर की 2 जगह पोस्टिंग
शहडोल के जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा साल 2021 से शिवपुरी जिले के विजयपुर ब्लाक में सेवाएं दे रहे थे. वहीं साल 2024-25 के दौरान उनकी शहडोल जिले में भी पदस्थापना हुई. इसके बाद दोनों स्थानों पर एनएचएम में सेवा और वेतन भुगतान को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि अभी उनकी ज्वाइनिंग की सटीक तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
दोनों जिलों में लगती रही वीआईपी ड्यूटी
हैरानी की बात तो यह भी है कि दोनों जिलों में समय-समय पर उनकी वीआईपी ड्यूटी भी लगाई जाती रही है, लेकिन किसी स्तर पर दोहरी पदस्थापना का मामला सामने नहीं आया. इस तरह की घटना ने अब स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी अनियमितता लंबे समय तक कैसे छिपी रही.
सार्थक ऐप से सामने आई जानकारी
शहडोल में सार्थक ऐप के माध्यम से डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा की उपस्थिति लगातार कम दर्ज हो रही थी. इसी वजह से पिछले कुछ महीनों से उनका वेतन भी रोक दिया गया था. उपस्थिति की जांच के दौरान ही विभाग का ध्यान इस मामले की ओर गया और दोहरी पदस्थापना की जानकारी सामने आई. अब दोहरी पदस्थापना की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है.
शिवपुरी के सीएमएचओ से मांगा गया है पूरा रिकॉर्ड
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद शहडोल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश मिश्रा का कहना है, ष्मामले की जानकारी मिली है. मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा के बारे में शिवपुरी के सीएमएचओ से पूरी जानकारी और सेवा संबंधी रिकार्ड मांगा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
5 हजार की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा को लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने शुक्रवार को 5 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप किया था. यह कार्रवाई जयसिंहनगर बस स्टैंड पर की गई थी. इसके बाद उनकी दोहरी पद स्थापना का मामला भी सामने आ गया. जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी अब सवाल खड़े कर दिए हैं, फिलहाल जांच के बाद ही ये स्पष्ट होगा की दोहरी पद स्थापना किस स्तर पर हुई, और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. हालांकि बताया जा रहा है की भर्ती प्रक्रिया और ज्वाइनिंग लेटर भोपाल से दिया जाता है
रीवा लोकायुक्त ने जिस डॉक्टर को रिश्वत लेते पकड़ा उसकी मिली एक ही समय में 2 जगह पोस्टिंग
