जसवंत सरदार की हत्या के कनाडा कनेक्शन में पुलिस को मिली सफलता,दो शूटर पुलिस दबोचे

– ग्वालियर पुलिस ने किया दो दिन में डबरा जसवंत सिंह की हत्या का खुलासा
ग्वालियर। गुरुवार की रात डबरा में हुई जसवंत सिंह सरदार की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने दो दिन में ही खुलासा कर दिया है। हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को ग्वालियर पुलिस के टिप्स पर पंजाब पुलिस ने पकड़ा है। भाड़े के शूटर पंजाब से चलकर डबरा आये थे और यहां घर के बाहर जसवंत सिंह की हत्या की वारदात को अंजाम देकर वापस पंजाब भाग गये थे। पकड़े गए शूटरों को पंजाब पुलिस ने पंजाब न्यायालय में पेश किया है। अब ग्वालियर पुलिस शूटरों को प्रोटेक्शन वारंट पर लाने की तैयारी में जुट गई है।
पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि डबरा में गुरुवार की रात हुई जसवंत सिंह सरदार की गोली मारकर पंजाब से आये दो भाड़े के शूटरों ने हत्या की थी। मामले का पता चलते ही पुलिस टीम ने जांच शुरू की और पांच टीमें आरोपियों की तलाश में लगााई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि जिस युवक की हत्या हुई है उसने आठ साल पहले आदित्यपुरम में मर्डर किया था। जब इस एंगल की जांच पर पुलिस आगे बढ़ी तो पता चला कि वारदात को पंजाब के बदमाशों ने अंजाम दिया है। पुलिस जांच में पता चला कि जिस युवक का मर्डर हुआ है उसने 5-6 फरवरी की दरमियानी रात 2016 में अपने ही पत्नी के मामा के घर में कत्ले आम मचाया था। जसवंत का ममेरा साला सत्यपाल सिंह कनाडा में रहता था। उसका पूरा परिवार ग्वालियर के आदित्यपुरम में था। यहां जसवंत ने उस रात साले सुखविंदर, मामा ससुर राजबिंदर सिंह, सास बलविंदर कौर को सोते में गोलियां मारी थीं। इस पूरी घटना की चश्मदीद 13 साल की हरमन कौर थी। जिसने किचन में फ्रीज के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई थी। इस दर्दनाक घटना में सुखविंदर की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद पूरा परिवार कनाडा में जाकर बस गया था।
पुलिस कप्तान ने बताया कि हत्यारों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने डबरा, ग्वालियर और झांसी के होटलों की सर्चिंग कराई तो पता चला कि टेकनपुर में दो युवक रूके थे, जिनका हुलिया डबरा में जसवंत सिंह का मर्डर करने वालों से मिलता है। इसका पता चलते ही पुलिस ने होटल से फुटेज मैच किए तो सूचना की तस्दीक हुई और पुलिस ने रिकार्ड के आधार पर जानकारी की तो पता चला कि शूटर पंजाब बरनाला निवासी नवजोत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह और अनमोल सिंह पुत्र प्रीत सिंह सरदार है। पुलिस ने इनकी जानकारी जब पंजाब पुलिस से साझा की तो पता चला कि आरोपियों ने पंजाब में भी मर्डर किया था और पुलिस को उनकी तलाश थी। इसके बाद पंजाब एसओजी और ग्वायिलर क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों को पंजाब में दबोच लिया। पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह के अनुसार मामले की जांच में क्राइम ब्रांच और डबरा पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे है। मर्डर की योजना को कनाडा से सतपाल सिंह और जीत सिंह के अलावा कुछ पंजाब के लोकल लोगों ने अंजाम दिलवाया था और शूटरों की मदद की थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब प्रोटेक्शन वारंट पर ग्वालियर पुलिस आरोपियों को पूछताछ के लिये लेकर आयेगी। प्रारंभिक पड़ताल में पुलिस को पता लगा है कि हत्या के लिये पंजाब के शूटरों को कनाडा से सुपारी दी गई थी। इसके लिये ढाई लाख रूपये सतपाल सिंह के खाते से शूटरों को भेजे गये थे। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि हत्या की वारदात को सुपारी किलिंग के तहत अंजाम दिया गया है। आरोपियों के रिमाण्ड पर आने पर पुलिस डिटेल पूछताछ करेगी। पुलिस का यह भी अनुमान है कि करीब छह माह पहले सतपाल अपने परिवार के साथ ग्वालियर आया था और लंबे समय रूका था। ऐसी आशंका है कि उसी समय जीत सिंह के माध्यम से सतपाल ने पंजाब के शूटरों से संपर्क करके इस वारदात की योजना बनाई होगी। पुलिस ने सतपाल सिंह व जीत सिंह को भी आरोपी बनाया है। हत्यारों पर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने 10 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था।

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