भोपाल। परिवहन विभाग में करोड़ों के वारे-न्यारे करने के आरोपी सौरभ शर्मा उसके सहयोगी चेतन गौर व शरद जायसवाल को लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को भोपाल जिला न्यायालय में पेश किया. इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी भीड़ रही. लोकायुक्त ने मीडिया से बचते-बचाते तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. जिला न्यायलय के विशेष जज आरपी मिश्रा ने सुनवाई के बाद सौरभ शर्मा, चेतन गौर और शरद जायसवाल को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया.
तीनों आरोपियों ने जमानत के लिए पहल नहीं की
बता दें कि रिमांड की अवधि पूरी होने पर मंगलवार सुबह लोकायुक्त की टीमें तीनों आरोपियों की मेडिकल जांच के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची. यहीं से तीनों को दो वाहनों में बैठाकर कोर्ट लााया गया. भीड़भाड़ से बचने के लिए लोकायुक्त की टीमें आरोपियों को कोर्ट के पीछे वाले रास्ते लेकर पहुंची और यहीं से तीनों आरोपियों को ले गईं. खास बात ये है कि तीनों आरोपियों के वकीलों ने जमानत को लेकर कोई पहल नहीं की. सौरभ शर्मा उसके सहयोगी चेतन गौर व शरद जायसवाल ने लोकायुक्त को पूछताछ में क्या-क्या बताया. इस बारे में कई प्रकार की बातें सामने आ रही हैं.
ईडी भी तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी
इधर, प्रवर्तन निदेशालय भी तीनों आरोपियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है. ईडी ने तीनों आरोपियों से जेल में पूछताछ करने के लिए कोर्ट में आवेदन पेश किया. इस पर सुनवाई होनी है. बता दें कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान आयकर विभाग व ईडी के वकील भी मौजूद रहे. लोकायुक्त सूत्रों का कहना है कि सौरभ शर्मा ने पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां दी हैं. अब लोकायुक्त की तैयारी सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों के साथ ही कुछ नजदीकी लोगों पर शिकंजा कसने की है. बता दें कि लोकायुक्त ने अभी तक सौरभ शर्मा के करीब 20 रिश्तेदारों को बयान देने के लिए नोटिस जारी किए हैं.
सौरभ शर्मा के साथ सहयोगी शरद व चेतन को जेल भेजा
