भोपाल। भोपाल जिला अदालत में मंगलवार को करोड़ों की काली कमाई करने वाले परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन गौर और शरद जायसवाल को पेश किया गया. लोकायुक्त द्वारा गिरफ्तारी के बाद इन तीनों को जेल भेज दिया गया था. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने तीनों से 3 दिन लगातार बंद कमरे में पूछताछ की. लेकिन जब इन तीनों से पूछताछ से ईडी संतुष्ट नहीं हुई तो इनकी हिरासत के लिए जिला अदालत में आवेदन लगाया.
मांगी 7 दिन की रिमांड, मिली 6 दिन की
प्रवर्तन निदेशालय की मांग पर इन तीनों को फिर से जिला अदालत में पेश किया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने इन तीनों आरोपियों की 7 दिन की रिमांड मांगी. कोर्ट ने तीनों की 6 दिन की रिमांड ईडी को दी है. अब ईडी ने 6 दिन तक इन तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी. बता दें कि पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन गौर और शरद जायसवाल को 17 फरवरी तक सेंट्रल जेल भेजा गया था. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने न्यायालय से अनुमति लेकर 3 दिन तक लगातार भोपाल के सेंट्रल जेल में इनसे पूछताछ की.
ईडी 17 फरवरी को कोर्ट में पेश करेगी तीनों आरोपियों को
सूत्रों का कहना है कि ईडी के सवालों के इन तीनों आरोपियों ने घुमा-फिराकर जवाब दिए. रटेरटाए जवाब सुनकर ईडी ने तय किया कि इन्हें अपनी हिरासत में लेकर इत्मीनान से पूछताछ करनी पड़ेगी. इसके बाद ईडी के आवेदन पर इन तीनों को मंगलवार को भोपाल के जिला न्यायालय में अपर जिला न्यायाधीश सचिन कुमार घोष के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के वकीलों ने दलील दी कि आरोपि सही तरीके से जवाब नहीं दे रहे हैं. इसलिए इन्हें उनकी रिमांड पर दिया जाए. अब प्रवर्तन निदेशालय की टीम 17 फरवरी को सौरभ, चेतन और शरद से पूछताछ करने के बाद न्यायालय में पेश करेगी।
ईडी नहीं उगलवा सकी सौरभ शर्मा एंड कंपनी से राज, अब लिया 6 दिन की रिमांड पर
