ग्वालियर। व्हीआईएसएम ग्रुप आफ स्ट्डीज के अंतर्गत संचालित जय इंस्टीटयूट आफ नर्सिंग एण्ड रिसर्च में आज दिनांक 20फरवरी 2025 को बेसिक लाइफ सपोर्ट पर सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को बेसिक लाइफ सपोर्ट संबंधी जानकारी दी गई। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रोहन शर्मा क्लीनिकल प्रशिक्षक उपस्थित रहें। मुख्य वक्ता ने बताया कि आम जन को यह बात समझना होगा कि सीपीआर सिर्फ हार्ट अटैक ही नहीं बल्कि ब्रेन डेड से भी बचाव संभव है। कार्डियक अरेस्ट होने पर मरीज की संास रूक जाती है। यदि लगातार 3 से 5 मिनट तक खासकर ब्रेन को ऑक्सीजन नहीं पहुंचे तो इंसान डेड हो सकता है, ऐसे में यदि कार्डियक अरेस्ट होने पर मरीज बाद में बच भी जाए, लेकिन ब्रेन डेड हो चुका हो, ता उसकी जिंदगी किसी काम की नहंी रह जाती इसलिए सीपीआर देना जरूरी होता है। वक्ता रोहन शर्मा के मुताबिक जब व्यक्ति खाते, चलते, बोलते या अन्य कोई काम करते-करते अचानक गिर जाता है। उसकी धड़कने खामोश होने लगती है, तो इसका मतलब व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट हो चुका है। शरीर को चलाने वाले महत्वपूर्ण अंगो में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होने से मल्टी आर्गन फेल्योर का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में मरीज को लिटाकर 100 से 120 बार उसके सीने पर दोनो हाथों से दबाब डाला जाता है, बिल्कुल हवा भरने की तरह। इस प्रक्रिया में कम से कम दो व्यक्तियो की मदद की जरूरत पड़ सकती है। इस मौके पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. सुनील राठौर ने छात्र-दात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप नर्सिंग प्रोफेशन के विद्यार्थी है और आपको ऐसे मौके काफी आऐंगे जब आपको मरीज को सीपीआर देने की जरूरत पडेगी। मैं आशा करता हूॅ कि आज की इस ट्रेनिंग से आपने काफी कुछ सीखा होगा। इस मौके पर संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती सरोज राठौर, ग्रुप निदेशक डॉ. प्रज्ञा सिंह, सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यगण सहित स्टाफ व छात्र-छात्राऐं मौजूद रहें।
जय इंस्टीटयूट आफ नर्सिंग में हुआ बेसिक लाइफ सपोर्ट पर सेमिनार
