Warning: Undefined array key 0 in /home/webhutor/nandkesari.com/wp-content/plugins/contact-form-7/includes/file.php on line 268
मध्य प्रदेश में 1 जून लगेगी तबादलों की झड़ी, मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला - Nand Kesari || Top News || Latest News

मध्य प्रदेश में 1 जून लगेगी तबादलों की झड़ी, मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला

माता-पिता बीमार तो नहीं मिलेगा लाभ,जिलों में मंत्री की अनुशंसा पर होंगे तबादले
भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारी-अधिकारियों के लिए खुशी की खबर है. प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 15 दिनों के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटा दिया है. एमपी में 1 जून से 15 जून तक तबादले हो सकेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2025-26 की नई तबादला नीति को जारी कर दिया है. नई तबादला नीति में प्रावधान किया गया है कि जिले के अंदर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर करेंगे।
नई नीति में प्रावधान किया गया है कि कर्मचारी अपने माता-पिता या किसी अन्य करीबी रिश्तेदारी की बीमारी को आधार बनाकर तबादला नहीं करा सकेंगे. स्कूल शिक्षा विभाग अपनी अलग तबादला नीति जारी करेगा.
ऐसे कर्मचारी करा सकेंगे तबादले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी गई. प्रदेश में अब 1 जून से 15 जून तक प्रशासनिक आधार और स्वैच्छिक आधार पर तबादले किए जा सकेंगे. कैबिनेट मंत्री चौतन्य कश्यप ने बताया कि ष्तबादला नीति में सामान्य रूप से अति गंभीर बीमारी, कैंसर, किडनी, हार्ट अटैक से पीड़ित या मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर स्थानांतरण किए जाते हैं, ऐसे मामलों को तबादलों में शामिल नहीं किया जाएगा.
इसके अलावा कर्मचारी पति-पत्नी की बीमारी की स्थिति में भी उन्हें तबादला नीति से बाहर रखा जाएगा. यानी ऐसे कर्मचारियों का तबादला नहीं किया जाएगा. यदि कोई कर्मचारी गंभीर बीमार है, तो विभागीय मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कर्मचारी का तबादला हो सकेगा. इसके अलावा न्यायालयीन निर्णयों के पालन में, अत्यंत गंभीर शिकायतों जिसमें कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लोकायुक्त प्रकरणों में प्रशासकीय आधार पर कर्मचारी का तबादला किया जाएगा.
जिलों में मंत्री की अनुशंसा पर होंगे तबादले
नई तबादला नीति मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, राज्य वन सेवा और मध्य प्रदेश मंत्रालय पर लागू नहीं होगी. नई नीति में प्रावधान किया गया है कि जिले के अंदर जिला संवर्ग और राज्य संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का जिले के अंदर जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से तबादले हो सकेंगे.
राज्य संवर्ग के प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के अधिकारी कर्मचारियों का स्थानांतरण राज्य के अंदर विभागीय मंत्री के अनुमोदन से प्रशासकीय विभाग द्वारा किया जाएगा. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का स्थानांतरण विभागाध्यक्ष द्वारा प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर हो सकेगा. गृह विभाग में उप पुलिस अधीक्षक से निचले स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों का ट्रांसफर गृह विभाग के पूर्व में जारी आदेश द्वारा गठित पुलिस स्थापना बोर्ड द्वारा जिले के अंदर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से हो सकेगा.
तबादलों की तय की गई लिमिट
स्कूल शिक्षा विभाग अपनी अलग से तबादला नीति जारी करेगा. इसके अलावा दूसरे बड़े विभागों के लिए कहा गया है कि यदि वे चाहें तो विभाग के लिए अलग से तबादलों की व्यवस्था बना सकते हैं, इसके लिए मुख्यमंत्री से सहमति लेनी होगी. नई तबादला नीति में तबादलों की लिमिट तय की गई है. बड़े विभाग में 5 फीसदी से अधिक तबादले नहीं किए जा सकेंगे. इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के तबादले ऑनलाइन किए जाएंगे।
200 अधिकारी कर्मचारियों वाले विभाग में 20 फीसदी तबादले किए जा सकेंगे।
200 से 1000 अधिकारी कर्मचारी वाले विभाग में 15 फीसदी कर्मचारी अधिकारियों के तबादले किए जा सकेंगे.
2000 तक अधिकारी कर्मचारी की संख्या वाले विभाग में 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे.
2000 से अधिक संख्या वाले कर्मचारी अधिकारियों वाले विभाग में 5 फीसदी तबादले किए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *