जीवन की पहली पाठशाला माता-पिता होते है: महापौर
शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते है: लाखन सिंह यादव
ग्वालियर। शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास द्वारा आज जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. सतीश सिकरवार के नेतृत्व में ढाई हजार (2500) से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंटकर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर डॉ. श्रीमती शोभा सतीश सिकरवार, विधायक साहब सिंह गुर्जर, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राम पाण्डे एवं सभी ब्लॉक अध्यक्ष मौजूद रहे।
इस मौके पर पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक व राष्ट्र निर्माता होते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों और समाज को सही शिक्षा और दिशा देकर उन्हे आने वाली चुनौतियों के लिये तैयार करते हैं और उन्हें एक सभ्य नागरिक बनाने का प्रशंसनीय कार्य भी करते हैं। माता-पिता जीवन की पहली पाठशाला होते है और दूसरी पाठशाला गुरू ही होते है, जो शिष्य को सही मार्ग दर्शन देकर उनमें संस्कार और संस्कृति का भाव पैदा कर भारत के निर्माण के लिये तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने इतनी बड़ी संख्?या में एक छत के नीचे शिक्षकों का सम्मान पहली बार देखा है। इसके लिए भाई सतीश सिकरवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूॅ। कार्यक्रम का संचालन विशिष्ट अतिथि एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने किया। वही न्यास के कोषाध्यक्ष अवध सिंह धाकरे ने आभार व्यक्त किया।
प्रारंभ में अतिथियों द्वारा सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जलन कर कार्यक्रम का शुभारंम्भ हुआ। जिसके बाद बालिकाओं द्वारा मंच पर श्री गणेश वंदना एवं श्रीराम स्तुति प्रस्तुत की गई। न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. सतीश सिकरवार एवं कार्यक्रम संयोजक संजय कठठ्ल द्वारा अतिथियों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया गया। इस मौके पर न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने स्वागत उद्बबोधन में कहा कि जन उत्थान न्यास द्वारा वर्ष भर सामाजिक हितों के कार्य कई वर्षो से किये जा रहे है। जिसमें रक्षाबंधन पर्व, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता, गरीब और असहाय व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, बच्चों को शिक्षा सामग्री वितरण, बच्चों को दीपावली पर आतिशबाजी वितरण, वरिष्ठ समाजसेवीयों का सम्मान, महिलाओं का सम्मान, महापुरूषों की जयंती धूम-धाम से मनाना जैसे अनेक कार्य न्यास द्वारा वर्ष भर किये जाते है। उन्होंने कहा कि मैं शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान करके अविभूत हूॅ और जीवन भर गुरूजनों का सम्मान करता रहूॅगा। गुरूजनों के चरणों में वंदन करता हूॅ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ल ने कहा कि मनुष्य के जीवन में ज्ञान का बहुत अधिक महत्व होता है, ज्ञान के माध्यम से ही मनुष्य अपने समाज तथा अन्य वस्तुओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाता है। यह ज्ञान केवल किताबी ज्ञान तक ही सीमित नहीं है, ब्लकि जीवन जीने का तरीका, संस्कार, मानव मूल्य, विचार करने की क्षमता तथा कठिनाईयों का सामना करने का साहस आदि भी इस ज्ञान के भीतर समाहित है। एक मानव तभी पूर्ण हो पाता है जब उसके भीतर ये गुण निहित हो। मनुष्य को ज्ञान प्राप्त करने के लिये एक माध्यम की आवश्यकता होती है, उसके जीवन में यह माध्यम का कार्य शिक्षक करता है। उन्होंने शिक्षकों का आव्हान किया कि वह बच्चों को नए भारत के निर्माण के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका न केवल छात्रों को शिक्षित करने में होती है बल्कि वे छात्रों को सही और गलत के बीच अंतर को समझाने और संवेदनशील नागरिकों के रूप में उन्हें तैयार करने के लिये भी कार्य करते हैं।
इस मौके पर महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार ने कहा कि शिक्षक भारत के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ जीवन में आगे चलकर काम आने वाली वास्तविक शिक्षा का भी बोध करवाया जाता है। शिक्षा को एक गुरू के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। छात्र एक गिली मिट्टी के समान होते हैं, उन्हें कुम्हार की तरह आकार देना एक शिक्षक का ही कार्य है। महापौर ने कहा कि शिक्षक का सम्मान सबसे ऊपर है। शिक्षक से राष्ट्रपति बने सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षक को कर्तव्यनिष्ठ होने का संदेश दिया और आज मैं भी आप सबसे अपेक्षा करता हूॅ कि उनके बताये रास्ते पर चलकर राष्ट्रनिर्माण में आपकी भूमिका अद्वितीय बनी रहे। शिक्षक ही समाज का पथ प्रदर्शक होता है, आप राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शानदार आयोजन के लिए विधायक डॉ. सिकरवार को बधाई दी और कहा कि आप ऐसे ही आगे भी शिक्षकों का सम्मान करते रहेंगे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ग्वालियर ग्रामीण के विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि शिक्षक ही छात्र-छात्राओं को संस्कार एवं चरित्रवान बनाते है, देश की भावी पीढ़ी को तैयार करने में शिक्षकों का सम्पर्ण रहता है और छात्र शिक्षक के चरणों मे रहकर ही अपना जीवन संवार पाते हैं। उन्होंने जन उत्थान न्यास के द्वारा किए गए इस भव्य आयोजन के लिए विधायक डॉ. सिकरवार की सराहना की। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के पश्चात् सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं सहभोज में भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में न्यास के उपाध्यक्ष विनोद जैन, प्रचार मंत्री सुरेश प्रजापति, ब्लॉक अध्यक्षगण देवेन्द्र चौहान, महादेव अपोरिया, हितेन्द्र यादव, अनूप शिवहरे, महाराज सिंह पटेल, लतीफ खान, श्रीमती गायत्री मण्डेलिया (एम.आई.सी सदस्य एवं पार्षद), श्रीमती लक्ष्मी सुरेश गुर्जर (एम.आई.सी सदस्य एवं पार्षद), नाथूराम ठेकेदार (एम.आई.सी सदस्य एवं पार्षद), बृजेश शुक्ला, पार्षद केदार बरहादिया, पार्षद प्रमोद खरे, पार्षद सुरेन्द्र साहू, पार्षद अंकित कठठ्ल, श्रीमती वीणा भारद्वाज, श्रीमती सीमा समाधिया, हेमंत शर्मा (कवि), हरेन्द्र गुर्जर (जिला अध्यक्ष सेवादल कांग्रेस), आदित्य सेंगर (जिला अध्यक्ष आई.टी. सेल), सत्येन्द्र नागर (जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा) आदि मौजूद रहे।
विधायक डॉ.सिकरवार के नेतृत्तव में जन उत्थान न्यास ने किया ढाई हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान
