कनाडा, भारत को यूरेनियम देगा, 2030 तक 50 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य

नई दिल्ली । भारत और कनाडा ने सोमवार को यूरेनियम आपूर्ति में सहयोग के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई वार्ता के बाद यह फैसला किया गया.वार्ता के बाद दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग का करार भी शामिल है. असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर सहमति बनी है।
समझौते के तहत कनाडा, भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा. दोनों देश लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) और उन्नत रिएक्टर प्रौद्योगिकी पर भी साथ काम करेंगे. इसके साथ ही दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को भारत के साथ संबंधों में ष्नई महत्वाकांक्षा, ध्यान और दूरदर्शिताष् की सराहना करते हुए पिछले वर्ष को ओटावा और नई दिल्ली के बीच अभूतपूर्व सहयोग का वर्ष बताया. राष्ट्रीय राजधानी के हैदराबाद हाउस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके और उनके प्रतिनिधिमंडल को दिए गए ष्उदार आतिथ्यष् के लिए धन्यवाद दिया।
कार्नी ने कहा कि पिछले जून में हुई उनकी पहली बातचीत के बाद से द्विपक्षीय आदान-प्रदान में साझेदारी की भावना झलकती रही है. उन्होंने कहा कि आपने मेरे मंत्रियों को भी उनके दौरे के दौरान ऐसा ही आतिथ्य प्रदान किया है.प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा,ष्पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा. दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए संदर्भ एवं शर्तों को भी अंतिम रूप दिया. इस समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है.मोदी ने कहा, ष्भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास रखते हैं। विविधता का सम्मान और मानवता का कल्याण हमारी साझा दृष्टि है। आज हमने इस दृष्टि को साझेदारी की नई ऊंचाई देने पर चर्चा की।
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग सहयोग और समुद्री क्षेत्र में निगरानी क्षमता बढ़ाने पर भी सहमति जताई. आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ से मुकाबले में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. मोदी ने कहा कि ये चुनौतियां दोनों देशों और पूरी मानवता के लिए गंभीर हैं तथा वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए इनसे मिलकर निपटना जरूरी है. कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडा और भारत ‘मूल्यवान साझेदारी’ को नई महत्वाकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ाने के लिए अपने भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं.।

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