नई दिल्ली। हॉकी इंडिया में एक और विवाद सामने आया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पुरुष सब-जूनियर टीम के कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य को यौन दुराचार के आरोपों के बाद भोपाल में चल रहे राष्ट्रीय शिविर से हटा दिया गया है. यह घटना उसी दिन हुई जब भारत की न्-18 टीम भोपाल में अपने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने वाली थी।
बताया जा रहा है कि सपोर्ट स्टाफ सदस्य सुधीर गोल्ला को रांची के मोराबादी स्थित एकलव्य बॉयज एंड गर्ल्स हॉकी ट्रेनिंग सेंटर से उनके खिलाफ शिकायतें सामने आने के बाद वहां से जाने के लिए कहा गया था.यह अनुशासनात्मक कार्रवाई तब की गई, जब रांची के मोराबादी स्थित श्सेंटर ऑफ एक्सीलेंसश् के कई प्रशिक्षुओं ने झारखंड के खेल और युवा मामले निदेशालय में औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं. खिलाड़ियों ने राज्य द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण अकादमी में अपने कार्यकाल के दौरान गोल्ला के अनुचित व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही को लेकर गंभीर चिंताएं जताई थीं, जिसके बाद अधिकारियों ने औपचारिक जांच शुरू कर दी.
शिकायतों के शुरुआती आकलन के बाद, झारखंड के अधिकारियों ने इस हफ्ते की शुरुआत में दखल दिया और गोल्ला को उनकी राज्य-स्तरीय जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए, रांची स्थित केंद्र में उनकी जगह एक महिला कोच को नियुक्त किया है.
पिछले छह महीनों में चौथी घटना
यह घटना भारतीय हॉकी में सुरक्षा से संबंधित पिछले छह महीनों में सामने आई चौथी बड़ी चिंता है. नवंबर 2025 में, चिली के सैंटियागो में थ्प्भ् हॉकी जूनियर विश्व कप 2025 से कुछ ही दिन पहले यौन दुराचार के आरोप सामने आने के बाद जूनियर महिला हॉकी कोच का अनुबंध नवीनीकृत नहीं किया गया था.एक महीने बाद, वरिष्ठ महिला टीम के कोच हरेंद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया, जब राष्ट्रीय टीम के सदस्यों ने कथित तौर पर खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर उन पर दुराचार का आरोप लगाया और उनके कोचिंग कौशल पर सवाल उठाए.
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने क्य कहा?
हालांकि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका, लेकिन महासंघ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर गोल्ला के खिलाफ की गई कार्रवाई की पुष्टि की.
हॉकी इंडिया ने श्द ट्रिब्यूनश् को दिए अपने संदेश में कहा, श्सुधीर गोल्ला, जो भारतीय सब-जूनियर पुरुष हॉकी टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे, उन्हें हॉकी इंडिया द्वारा भोपाल में चल रहे कोचिंग शिविर से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. यह कार्रवाई तब की गई जब महासंघ के संज्ञान में आया कि खिलाड़ियों की शिकायतों के बाद उन्हें एकलव्य हॉकी सेंटर से हटा दिया गया था.
महासंघ ने इस बात पर भी जोर दिया कि एथलीटों की सुरक्षा उनकी प्राथमिक प्राथमिकता है. एचआई ने आगे कहा, खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और हम सभी एथलीटों के लिए एक सुरक्षित और महफूज माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा
हालांकि, फेडरेशन द्वारा सुरक्षा से जुड़े मामलों के प्रबंधन को लेकर संगठन के भीतर ही चिंताएं बढ़ रही हैं. द ट्रिब्यून के अनुसार, हॉकी इंडिया के भीतर के एक सूत्र ने स्वीकार किया कि चल रहे विवादों और उचित जांच करने में कथित कमियों के कारण संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा हैश्.
सूत्र ने कहा, सुरक्षा से जुड़े मामलों में हम पीछे रह गए हैं. पिछले सभी मामलों में कोई उचित जांच नहीं की गई है. ऐसा लगता है कि फेडरेशन में कोई ऐसा व्यक्ति है जो उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है, जिन पर कथित तौर पर गंभीर अपराध करने का आरोप है।
