मंत्री इंदर सिंह परमार के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद एबीवीपी का धरना खत्म
भोपाल। राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय यानि बीयू में पिछले 33 घंटों से जारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आंदोलन एक बड़ी जीत के साथ समाप्त हो गया है. विश्वविद्यालय में व्याप्त अकादमिक और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर दिया था. आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार स्वयं शुक्रवार की रात धरना स्थल पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने राजभवन द्वारा कुलगुरु प्रो. एसके जैन को उनके शेष कार्यकाल के लिए अनिवार्य अवकाश पर भेजे जाने और प्रो. विवेक शर्मा को नया प्रभार सौंपे जाने की घोषणा की. इसके बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया.
अकादमिक अनियमितताओं पर था छात्रों का गुस्सा
दरअसल एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे. छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से एमबीए और अन्य स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लंबित परिणाम, पुनर्मूल्यांकन में होने वाला अत्यधिक विलंब, अव्यवस्थित अकादमिक कैलेंडर, पीएचडी प्रवेश परीक्षा और नर्सिंग महाविद्यालयों की रुकी हुई प्रवेश प्रक्रिया जैसे मुद्दे शामिल थे. इसके अलावा शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता की कमी और छात्रावासों की बदहाली को लेकर छात्र लंबे समय से नाराज थे.
उच्च शिक्षा मंत्री की एंट्री और राजभवन का बड़ा फैसला
एबीवीपी के प्रदर्शन के दूसरे दिन शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला. इस दौरान मंत्री परमार ने आंदोलनरत विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए बताया कि, उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस विषय पर बात हो चुकी है. राजभवन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुलगुरु प्रो. एसके जैन का अवकाश स्वीकृत कर दिया है और वे अब अपने शेष कार्यकाल के दौरान छुट्टी पर ही रहेंगे. उनकी जगह अब प्रो. विवेक शर्मा को कुलपति का प्रभार सौंपा गया है।
हस्तक्षेप हुआ तो फिर होगा प्रदर्शन
इस निर्णय को एबीवीपी ने सामान्य छात्रों के संघर्ष की एक ऐतिहासिक जीत बताया है. अभाविप के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि, श्श्राजभवन ने आश्वासन दिया है कि अवकाश के दौरान कुलगुरु का विश्वविद्यालय के कार्यों में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा.श्श् हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, यह धरना भले ही आज समाप्त हो रहा है, लेकिन उनका आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. यदि वर्तमान कुलगुरु की छाया भी दोबारा विश्वविद्यालय पर पड़ी या उनके हस्तक्षेप की कोई खबर आई, तो छात्र परिषद फिर से उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।
भोपाल बीयू में 33 घंटे से धरने पर थे एबीवीपी छात्र
बता दें कि राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की पहचान अब बदलने जा रही है. विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में इसका नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है. राजा भोज के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया गया है. हालांकि इस फैसले पर अंतिम मुहर राज्य शासन के स्तर से लगना अभी बाकी है।
एमपी: बीयू के कुलपति की छुट्टी, 33 घंटे बाद एबीवीपी का धरना खत्म
