खंडवा के वन परिक्षेत्र गुड़ी के आमाखुजरी में वन विभाग पर हुआ हमला, वनकर्मी.
खंडवाः जंगल में अतिक्रमणकारियों ने वन विभाग पर हमला कर गोफन, पत्थर और लट्ठ बरसाए. इस हमले में 12 वनकर्मी घायल हो गए जिसमें गंभीर घायल 6 वन कर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है.
वन परिक्षेत्र गुड़ी के आमाखुजरी में अतिक्रमणकारियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. रोज को तरह वनकर्मी गश्त करते हुए आमाखुजरी पहुंचे. यहां लोग जंगल में खेती के लिए पेड़ों को काटकर हल चला रहे थे. यह देख वनकर्मी उन्हें रोकने लगे और बैलों को पकड़कर हल जब्त कर ले जाने लगे.
वन विभाग की टीम पर हमला
यह देख अतिक्रमण कर रहे लोगों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया. महिलाएं और बच्चों सहित पुरुष भी पत्थर बरसाने लगे. इस पर वनकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. इस बीच महिलाओं ने वनकर्मियों को पकड़कर लट्ठ से पीटा, सिर पर पत्थर मारे.
12 से अधिक वनकर्मी घायल
इस हमले में 12 से अधिक वनकर्मी घायल हुए हैं जिसमें 6 को अधिक चोट आई है. पत्थर और लट्ठ लगने से वे वहीं गिर गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर वन विभाग ने जिला अस्पताल पहुंचाया. गंभीर घायल वनकर्मी ज्वाला सिंह, प्रदीप सिंह बघेल, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, चंद्रपाल तोमर, राहुल लोधी और राजेश सिंह को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है.
घायल वनकर्मी राजेश सिंह ने बताया ष्हमारी ड्यूटी गश्त में लगी है. 15 कर्मी जब आमाखुजरी पहुंचे तो यहां अतिक्रमणकारी जंगल में हल चला रहे थे. बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे. उन्हें रोकते हुए जंगल से बाहर जाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने और हमला कर दियाष्.
जांच और कार्रवाई की मांग
इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था, अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
12 से अधिक वनकर्मी घायल
इस हमले में 12 से अधिक वनकर्मी घायल हुए हैं जिसमें 6 को अधिक चोट आई है. पत्थर और लट्ठ लगने से वे वहीं गिर गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर वन विभाग ने जिला अस्पताल पहुंचाया. गंभीर घायल वनकर्मी ज्वाला सिंह, प्रदीप सिंह बघेल, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, चंद्रपाल तोमर, राहुल लोधी और राजेश सिंह को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है.
घायल वनकर्मी राजेश सिंह ने बताया ष्हमारी ड्यूटी गश्त में लगी है. 15 कर्मी जब आमाखुजरी पहुंचे तो यहां अतिक्रमणकारी जंगल में हल चला रहे थे. बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे. उन्हें रोकते हुए जंगल से बाहर जाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने और हमला कर दियाष्.
जांच और कार्रवाई की मांग
इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था, अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
