विदिशा। मध्य प्रदेश में मानसून के आते ही कई जिलों में बारिश का असर देखने मिल रहा है. वहीं विदिशा में आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई है. विदिशा से लगभग 15 किलोमीटर दूर पालकी गांव के पास स्थित एसएस वेयरहाउस कुदरत के इस कहर की चपेट में आकर पूरी तरह तहस-नहस हो गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान के दौरान नजारा इतना खौफनाक था कि वहां से गुजर रहे लोगों की रूह कांप गई.
आसमान से गिरी बिजली, 2 किलोमीटर दूर तक उड़े चद्दर
वेयरहाउस के मालिक लोचन सिंह राजपूत ने बताया कि ष्आंधी-तूफान के साथ वेयरहाउस पर संभवतः भारी बिजली गिरी थी. धमाका इतना तेज था मानो जमीन फट गई हो. इस आपदा के कारण वेयरहाउस की छत पर डली लोहे-टीन की चद्दरें पूरी तरह उखड़ गईं और तेज हवाओं के साथ उड़कर करीब 2 किलोमीटर दूर तक खेतों में जा गिरीं. इसके साथ ही वेयरहाउस की मजबूत दीवारें भी भरभराकर ढह गईं.
ढाई करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान
प्रारंभिक आंकलन के अनुसार, इस घटना में वेयरहाउस के कंस्ट्रक्शन (भवन) को भारी क्षति पहुंची है. मालिक के मुताबिक, वेयरहाउस के ढांचे को लगभग 2 से ढाई करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. इसके अलावा करीब 40 से 50 लाख रुपए के किराए (राजस्व) का नुकसान होने की भी आशंका जताई जा रही है. वेयरहाउस का इंश्योरेंस (बीमा) तो है, लेकिन नुकसान की भरपाई की आगे क्या प्रक्रिया होगी, इस पर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है।
सुरक्षित है लाखों क्विंटल गेहूं, लेकिन भीगने का खतरा
राहत की बात यह रही कि वेयरहाउस के अंदर रखा लाखों क्विंटल गेहूं सुरक्षित है. वेयरहाउस मालिक के अनुसार, अनाज का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि गेहूं बोरियों में ठीक से बंद था. हालांकि, छत उड़ने और तेज बारिश होने के कारण माल पूरी तरह भीग गया है, जिसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है. इस वेयरहाउस में करीब एक महीने पहले ही सरकारी और प्राइवेट माल लाकर रखवाया गया था.
कर्मचारी सुरक्षित, मौके पर पहुंचा प्रशासन
घटना के समय वेयरहाउस के सभी कर्मचारी ऑफिस (कार्यालय) के अंदर मौजूद थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं. घटना की सूचना मिलते ही नागरिक आपूर्ति निगम और डच्ॅस्ब् (मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पाेरेशन) समेत प्रशासन के तमाम आला अधिकारी और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई है.
युद्ध स्तर पर खाली कराया जा रहा है माल
वर्तमान में मौके पर प्रशासन की देखरेख में मशीनरी लगाकर मलबे और दीवारों को हटाने का काम किया जा रहा है. किसानों और सरकार के माल को सुरक्षित रखने के लिए उसे युद्ध स्तर पर वहां से हटाकर दूसरे वेयरहाउसों और सरकारी गोदामों में शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि भीगे हुए गेहूं को और खराब होने से बचाया जा सके. इस पूरे मामले को लेकर निधी पटेल, तहसीलदार विदिशा ने कहा अभी पूरी जांच हो जाए फिर बताती हूं।
एमपी: विदिशा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से भारी तबाही
