121 घोड़ों पर निकलेगी दूल्हों की बारात, सामूहिक विवाह में शामिल होंगे मोहन यादव और जेपी नड्डा

जबलपुर। सरकारी सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामान्य तौर पर सरकारी आयोजन होते हैं जिनमें केवल खानापूर्ति की जाती है. लेकिन जबलपुर में सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तैयारी निजी विवाह समारोह की तरह की जा रही है. हर दूल्हे-दुल्हन को पहले ही गिफ्ट दे दिए गए हैं और प्रत्येक दूल्हे के लिए घोड़ी का इंतजाम किया जा रहा है. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जबलपुर पहुंच रहे हैं.
एमएलबी मैदान में भव्य आयोजन
जबलपुर में शुक्रवार (23 जनवरी) को एक सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है. यह सरकारी आयोजन है लेकिन इसकी पूरी तैयारी किसी भव्य विवाह समारोह की तरह हो रही है. जबलपुर के एमएलबी मैदान में 121 मंडप बनाए गए हैं जिनमें दूल्हा-दुल्हन की शादी होगी.
121 घोड़ी पर निकलेंगी बारात
जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा कि ष्यह सामान्य सरकारी सामूहिक विवाह का आयोजन नहीं है बल्कि हमने इसे भव्य स्वरूप देने की कोशिश की है. इसमें 121 जोड़ों का विवाह हो रहा है जिसमें तीन निकाह भी शामिल है. विवाह किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होता है. इसलिए इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए. दूल्हों के लिए 121 घोड़ियों का इंतजाम किया गया है जिन पर सवार होकर दूल्हा दुल्हन की बारात मंडप तक पहुंचेंगे.ष्
सभी जोड़ों को मिलेगा चांदी के जेवर
जगत बहादुर सिंह ने आगे कहा कि ष्हमने हर जोड़े के लिए शासकीय योजना के तहत मिलने वाले पैसे के अलावा चांदी के जेवर, घरेलू उपयोग के समान और दूल्हा-दुल्हन के लिए ड्रेस का इंतजाम किया है. दूल्हा-दुल्हन के साथ आने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. यह आयोजन कहीं भी आपको सरकारी नहीं लगेगा.ष्

जेपी नड्डा और सीएम मोहन सहित कई बड़ी हस्तियां रहेंगी मौजूद
जबलपुर नगर निगम के अध्यक्ष रिंकू विज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ष्इस आयोजन में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आ रहे हैं. मोहन यादव ने खुद अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में करवाई थी. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए जबलपुर आ रहे हैं.ष्
सामूहिक विवाह योजना गरीबों के लिए मददगार साबित होता है. यदि इसका स्वरूप और बेहतर हो जाए तो मध्यम वर्गीय परिवार के लोग भी सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में विवाह करवाने लगेंगे. क्योंकि मध्यमवर्गीय परिवार विवाह में होने वाले खर्च की वजह से कर्ज में डूब जाते हैं. विवाह में होने वाले खर्चों को कम करना जरूरी है और सामूहिक विवाह का आयोजन केवल गरीबों के लिए नहीं बल्कि सभी लोगों के लिए होना चाहिए।

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