Warning: Undefined array key 0 in /home/webhutor/nandkesari.com/wp-content/plugins/contact-form-7/includes/file.php on line 268
15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया, इस शुभ मुहूर्त में करें शिव का जलाभिषेक - Nand Kesari || Top News || Latest News

15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया, इस शुभ मुहूर्त में करें शिव का जलाभिषेक

ग्वालियर। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला महाशिवरात्रि का पर्व इस साल 15 फरवरी को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा. भगवान शिव को समर्पित इस महापर्व को लेकर देशभर के शिवालयों में विशेष तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. महाशिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भक्त उपवास रखकर रात्रि जागरण करते हैं और चार प्रहर में भगवान शिव की विधिवत पूजा करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से की गई आराधना से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
महाशिवरात्रि पर बन रहा भद्रा योग
इस साल महाशिवरात्रि के दिन भद्रा योग भी बन रहा है, जिसको लेकर कई श्रद्धालुओं के मन में संशय की स्थिति बनी हुई है. ज्योतिषाचार्यों के पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी की शाम 5 बजकर 04 मिनट से भद्रा की शुरुआत होगी, जो 16 फरवरी की सुबह 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगी. यानी करीब 12 घंटे से अधिक समय तक भद्रा का प्रभाव रहेगा. हालांकि इस बार भद्रा का वास पाताल लोक में है. शास्त्रों के अनुसार, जब भद्रा पाताल में स्थित होती है, तो उसका नकारात्मक प्रभाव पृथ्वी पर नहीं पड़ता. ऐसे में महाशिवरात्रि पर शिव पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक बिना किसी बाधा के किए जा सकते हैं।
इसलिए भक्तों को भद्रा योग को लेकर किसी भी प्रकार का डर नहीं रखना चाहिए. इस बार भद्रा पाताल लोक में है, इसलिए भगवान शिव की पूजा पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा. श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा अवश्य फल देती है. जो श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, वे चाहें तो अगले दिन पारण कर सकते हैं. वहीं, जो लोग स्वास्थ्य या अन्य कारणों से रात्रि पूजा के बाद व्रत खोलना चाहते हैं, वे उसी दिन भी व्रत खोल सकते हैं.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कई शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं. इन मुहूर्तों में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सुबह का पहला शुभ समय 8 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
दूसरा मुहूर्त 9 बजकर 48 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक का होगा.
तीसरा और सबसे श्रेष्ठ अमृत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, जिसे जलाभिषेक के लिए सर्वोत्तम माना गया है.
शाम के समय पूजा करने वाले श्रद्धालु 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट के बीच शिवलिंग पर जल अर्पित कर सकते हैं.इन सभी समयों में श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
चार प्रहर पूजा का विशेष महत्व
पहला प्रहर 15 फरवरी की शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.
दूसरा प्रहर रात 15 फरवरी को रात 9 बजकर 23 मिनट से 16 फरवरी को रात 12 बजकर 34 मिनट तक होगा.
निशिथ काल, जो शिव पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, 16 फरवरी की रात 12 बजकर 9 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा.
तीसरा प्रहर रात 12 बजकर 35 मिनट से सुबह 3 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
चौथा प्रहर सुबह 3 बजकर 46 मिनट से सुबह 6 बजकर 59 मिनट तक चलेगा.
इस विधि से करें भगवान शिव का जलाभिषेक
महाशिवरात्रि के दिन भक्तों को प्रातः स्नान कर स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. पूजा स्थान को साफ कर भगवान शिव का ध्यान करते हुए दीपक जलाएं. पूजा के समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है. तांबे या मिट्टी के पात्र में स्वच्छ जल लें, उसमें गंगाजल, दूध या थोड़ा सा शहद मिलाया जा सकता है. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल अर्पित करें. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भस्म और फल अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al coinbar coinbar giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş güncel meritking meritking giriş best online casinos in new zealand padişahbet padişahbet giriş padişahbet güncel giriş kalebet kalebet giriş kalebet güncel giriş kralbet kralbet giriş kralbet güncel giriş jasminbet jasminbet giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş alobet alobet giriş jojobet jojobet giriş betasus betasus giriş betnano betnano giriş betpipo betpipo giriş betplay betplay giriş betsmove betsmove giriş egebet egebet giriş imajbet imajbet giriş jokerbet jokerbet giriş marsbahis marsbahis giriş jojobet jojobet giriş ultrabet ultrabet giriş restbet restbet giriş supertotobet supertotobet giriş perabet perabet giriş grandpashabet amkbet radissonbet romabet casinowon betgit teosbet holiganbet mercurecasino cashwin jojobet betplay nesinecasino bets10 bets10 giriş bets10 güncel giriş bets10 bets10 giriş bets10 güncel bets10 bets10 giriş holiganbet holiganbet güncel giriş holiganbet giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş meritking meritking giriş casibom casibom giriş casibom güncel giriş perabet perabet giriş perabet güncel giriş