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एटीएफ पर वैट घटाने से दिल्ली में सस्ती हो सकती हैं हवाई उड़ानें, रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला - Nand Kesari || Top News || Latest News

एटीएफ पर वैट घटाने से दिल्ली में सस्ती हो सकती हैं हवाई उड़ानें, रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली। दिल्ली में हवाई यात्रियों और विमानन क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने शनिवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. दिल्ली सरकार ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (।ज्थ्) पर लगने वाले वैल्यू एडेड टैक्स में भारी कटौती करने का ऐलान किया है. सरकार के नए फैसले के तहत एटीएफ पर वैट की दर को 25 प्रतिशत से सीधे घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है. कैबिनेट की बैठक में मुहर लगने के बाद इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी साझा की गई. सरकार के इस कदम को दिल्ली के विमानन क्षेत्र को बूस्ट देने और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक बड़े वैश्विक हब के रूप में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक गेम-चेंजर रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विमानन कंपनियों और यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस बड़े फैसले का सीधा फायदा दिल्ली से उड़ान भरने वाली सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन कंपनियों के साथ-साथ आम और खास यात्रियों को मिलेगा. नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी विमानन कंपनी के कुल परिचालन खर्च में अकेले विमान ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40 से 45 प्रतिशत होती है. वैट में 18 प्रतिशत की इतनी बड़ी कटौती से एयरलाइंस कंपनियों के ईंधन खर्च में भारी कमी आएगी. परिचालन लागत घटने का सीधा लाभ विमानन कंपनियां हवाई किराए में कटौती करके यात्रियों को दे सकती हैं. आने वाले दिनों में दिल्ली से अन्य राज्यों या विदेशों के लिए उड़ान भरना काफी किफायती हो सकता है।
आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस फैसले के पीछे दिल्ली को व्यापार, पर्यटन और नागरिक उड्डयन के मामले में देश का सबसे आकर्षक केंद्र बनाना है. वैट की दरें कम होने से अब एयरलाइन कंपनियां दिल्ली एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी. साथ ही, वे दिल्ली को अपने विमानों के लिए एक प्रमुख रीफ्यूलिंग हब के रूप में इस्तेमाल करेंगी, जिससे दिल्ली सरकार के राजस्व में वॉल्यूम के लिहाज से बढ़ोतरी होने की भी संभावना है. पड़ोसी राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश और हरियाणा) के मुकाबले दिल्ली में ईंधन पर टैक्स कम होने से विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. इसके अलावा, हवाई यात्रा सस्ती होने से दिल्ली में पर्यटन और बिजनेस कनेक्टिविटी को नए पंख लगेंगे, जिससे परोक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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