नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व इंडियन प्रीमियर लीग कमिश्नर ललित मोदी ने वानुअतु की नागरिकता प्राप्त करने के बाद अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए आवेदन किया है. ललित मोदी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच कर रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारतीय अधिकारी ललित मोदी के खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं. ललित मोदी द्वारा लंदन में भारतीय उच्चायोग को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए दिए गए आवेदन की मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के आलोक में जांच की जाएगी।
वानुअतु की नागरिकता हासिल की
जायसवाल ने कहा, ष्हमें यह भी बताया गया है कि उसने वानुअतु की नागरिकता हासिल कर ली है. हम कानून के तहत उसके खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। ललित मोदी ब्रिटेन में वॉन्टेड व्यक्ति नहीं हैं. ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है. जो 2012 में चेन्नई पुलिस द्वारा टी-20 टूर्नामेंट के विदेशी प्रसारण अधिकारों में कथित धोखाधड़ी के लिए दर्ज की गई शिकायत पर आधारित है।
इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध
ललित मोदी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने के ईडी के अनुरोध को 2015 में खारिज कर दिया गया था. उसके खिलाफ जांच की वर्तमान स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और पूर्व आईपीएल आयुक्त कभी भी जांच में शामिल नहीं हुए हैं। बता दें कि ललित मोदी ने 2010 में भारत छोड़ दिया और लंदन में रह रहे हैं. पूर्व आईपीएल प्रमुख कथित रूप से अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के गबन में शामिल थे।
गौरतलब है कि भारतीय अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद ललित मोदी अभियोजन से सफलतापूर्वक बचने में सफल रहा है. लिहाजा ऐसे में अब वानुअतु की नागरिकता मिलने के बाद भारत सरकार और ईडी के सामने अब उसके प्रत्यर्पण करना एक बड़ी चुनौती होगी।
