दिव्यांगजनों के हित और सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री कुशवाह

ग्वालियर । दिव्यांगजनों की सेवा और सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम उनका जीवन सुगम बनाने हर संभव प्रयास करेंगे। हमने केंद्र सरकार से और उपकरण और सहायक सामग्री मांगी है, आपके जीवन में आने वाली हर कठिनाई हम मिलकर दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बात प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ग्वालियर द्वारा शनिवार को आयोजित दिव्यांगजन उपकरण वितरण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि कही। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की अध्यक्ष श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि कहा कि आज का यह कार्यक्रम सच्ची सेवा का एक अनुपम उदाहरण है। आने वाले समय में हम ब्लॉक लेवल तक दिव्यांग सेवा की गतिविधियां लेकर जाएं, इसका भी नियोजन कर रहे हैं। दिव्यांग जनों को कोई परेशानी ना हो उनका जीवन सुगम बने इसका भी हम विधिवत नियोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी ग्वालियर के सचिव नवल किशोर शुक्ल ने कहा कि सरकार जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग जिस प्रकार से मिलकर दिव्यांग जनों की सेवा के अनूठे कार्य कर रहा है, वह एक उदाहरण है। इस प्रकार के सामंजस्य से आने वाले समय में दिव्यांग जनों को बेहतर जीवन की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में सेवा भारती मध्यभारत प्रांत की कार्यकारिणी सदस्य एवं किशोर न्याय बोर्ड ग्वालियर की सदस्य श्रीमती विनीता जैन ने कहा कि दिव्यांग सेवा सच्ची ईश्वर पूजा के समान है, हमें मिलकर दिव्यांगजनों के हर दुख को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं परिचय जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सचिव परांकुश शर्मा ने दिया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती भूमिका सक्सेना, सहायक संचालक शशांक विरही, दून पब्लिक स्कूल के संचालक सक्षम मित्तल, सेवा भारती ग्वालियर चंबल संभाग के विभाग समन्वयक कैलाश कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के प्रशासनिक अधिकारी गिरीश कुमार पाल ने किया।कार्यक्रम में मंत्री कुशवाह एवं कलेक्टर श्रीमती चौहान ने 20 दिव्यांग बच्चों को उनके बौद्धिक उन्नयन हेतु श्री तथा टी एल एम किट प्रदान की। वहीं 05 दिव्यांग जनों को निरामय बीमा पॉलिसी की प्रति प्रदान की गई। इसके अलावा 20 दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल प्रदान की गई तथा 12 दिव्यांग जनों को बैसाखी तथा छड़ी प्रदान की गई।

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