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फार्मा कंपनी के रंगनाथन ने कबूला जहरीली कफ सीरप की 2 हजार बॉटल का प्रॉडक्शन हुआ एक साथ - Nand Kesari || Top News || Latest News

फार्मा कंपनी के रंगनाथन ने कबूला जहरीली कफ सीरप की 2 हजार बॉटल का प्रॉडक्शन हुआ एक साथ

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छिंदवाड़ा । जहरीली कफ सीरप कांड में दवा निर्माता कंपनी श्री सन फार्मा के मालिक रंगनाथन मध्य प्रदेश पुलिस की 10 दिन की हिरासत में है. रंगनाथन से लगातार पूछताछ चल रही है. इस दौरान रंगनाथन ने बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया ष्जिस बैच की कोल्ड्रिफ सिरप से मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत हुई, उस बैच की 2000 बोतल एक साथ बनाई गई थी. इन्हें देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया गया था.ष् फिलहाल एसआईटी की टीम रंगनाथन को लेकर चेन्नई गई है. वहां से कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की उम्मीद है. साथ ही कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
10 दिन की पुलिस रिमांड पर है रंगनाथन
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा के परासिया, बैतूल और पार्ढुना में जहरीले कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत के मामले में श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन को एसआईटी ने 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार किया था. उसे अगले दिन छिंदवाड़ा के परासिया कोर्ट में पेश किया, जहां से एसआईटी को रंगनाथन की 10 दिन की रिमांड मिली है. तभी से रंगनाथन से लगातार सघन पूछताछ की जा रही है. वहीं, छिंदवाड़ा में इस जहरीली कफ सिरप की पर्ची लिखने वाले डॉ. प्रवीण सोनी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
660 बॉटल्स मध्य प्रदेश में सप्लाई, शेष अन्य राज्यों में
जहरीली कफ सिरप कांज की जांच कर रहे ैप्ज् के प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया ष्रंगनाथन ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया है कि जिस बैच की कोल्ड्रिफ सिरप से छिंदवाड़ा जिले सहित मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत हुई है, उस बैच की 2000 बोतल एक साथ बनाई गई थीं, जो देश के अलग-अलग राज्यों में सफ्लाई कई गई थीं. इस एसआर-13 बैच की मध्य प्रदेश में 660 बॉटल सप्लाई की गई थी. इसके अलावा लगभग 1400 बॉटल देश के अलग-अलग राज्यों में भेजी गईं।
रंगनाथन 41 साल से कर रहा कंपनी का संचालन
पुलिस पूछताछ में रंगनाथन ने बताया ष्वह 41 साल से इस कंपनी का संचालन कर रहा है. वर्ष 1984 में उसने दो कमरों में कंपनी शुरू की थी. धीरे-धीरे उसकी कंपनी मुनाफे में आती गई. इसके बाद कंपनी का नेटवर्क पूरे देश में फैलता गया. 4 साल पहले जब उसकी इस दवा से कुछ मौतें हुई तो कई जगहों पर इसे बैन कर दिया गया. इसके बाद उसने नए तरीके से इस दवा को बाजार में पहुंचाना शुरू किया. उसने एमआर के सहारे डॉक्टर्स तक एप्रोच बनाई, खासकर ऐसे डॉक्टर जिनके निजी क्लीनिक अच्छे चलते थे. छिंदवाड़ा में ऐसा ही डॉक्टर प्रवीण सोनी है, ऐसे डॉक्टर्स को मोटा कमीशन दिया जाता था।
रंगनाथन की कंपनी के और लोग भी होंगे गिरफ्तार
रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद उसके साथियों पर भी गिरफ्तारी का संकट है. पूछताछ में रंगनाथन ने अपने और साथियों के नाम उजागर किए हैं, जिनकी मदद से वह जहरीला कफ सिरप तैयार करता था. इसमें कंपनी के मैनेजर, लैब टेस्टिंग वाला, दवाई में मिलने वाली सामग्री सप्लायर सहित और लोग शामिल हैं. टीम रंगनाथन को लेकर चेन्नई रवाना हो गई है. अगले 2 से 3 दिन में चेन्नई से कुछ और गिरफ्तारी होने की संभावना है।

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