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भोपाल के कारोबारी दिलीप गुप्ता पर ईडी और ईओडब्ल्यू का शिकंजा, ईओडब्ल्यू ने की छापेमारी - Nand Kesari || Top News || Latest News

भोपाल के कारोबारी दिलीप गुप्ता पर ईडी और ईओडब्ल्यू का शिकंजा, ईओडब्ल्यू ने की छापेमारी

निवेशकों को शेयर मार्केट से मुनाफे का लालच दिखाकर 35 करोड़ का लगाया चूना
भोपाल । मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराधा शाखा ने भोपाल के कारोबारी दिलीप गुप्ता के ऑफिस और घर पर छापामार कार्रवाई की है. यह कार्रवाई शेयर मार्केट में खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद की गई है. अब ईओडब्ल्यू की टीम ने कारोबारी के चूना भट्टी स्थित घर और एमपी नगर जोन-2 के ऑफिस में एक साथ कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू के हाथ बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, करीब एक दर्जन चेक बुक और बैंक से जुड़े दस्तावेज मिले हैं. कार्रवाई के दौरान 5 राउंड कारतूस भी मिले हैं।
एक महीने पहले किया था प्रकरण दर्ज
ईओडब्ल्यू ने कारोबारी दिलीप गुप्ता के खिलाफ अक्टूबर माह में प्रकरण पंजीबद्ध किया था. जांच के बाद अब छापामार कार्रवाई की गई है. दिलीप गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने डीजी माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के 10 रुपए के शेयर को 12 हजार 972 रुपए में बेचकर निवेशकों को चूना लगाया है।
डीजी माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड में निवेश के नाम पर निवेशकों को करीबन 35 करोड़ का चूना लगाया गया. अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने निवेशकों को शेयर मार्केट में निवेश के जरिए भारी मुनाफा कमाने के लिए उनकी संपत्तियां तक गिरवी रखवा दी थीं. बाद में निवेशकों को पैसों के भुगतान के नाम पर ऐसे बैंक के चेक जारी किए गए, जो खाते बंद हो चुके थे. ईओडब्ल्यू अब इससे जुड़े तमाम साक्ष्य जुटाने में जुटी है।
भोपाल के मां-बेटे ने की थी शिकायत
ईओडब्ल्यू ने 9 अक्टूबर 2025 को डीजी मिनरल्स प्रा लिमिटेड के दिलीप गुप्ता और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में एफआईआर पंजीबद्ध की थी. शिकायतकर्ता विनीत जैन और उनकी मां लता जैन की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि दिलीप गुप्ता और उनके सहयोगियों ने भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों का धोखा दिया. उन्होंने हर माह 3 से 4 फीसदी का रिटर्न दिलाने का लालच देकर खनन और अन्य कारोबार में निवेश के लिए पैसा लिया. बाद में उन्होंने कंपनी में फर्जी मुनाफा दिखाया।
प्रवर्तन निदेशालय भी कर रही जांच
इस मामले की ईओडब्ल्यू के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रही है. ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है. आशंका है कि कारोबारी द्वारा काले धन को सफेद करने का भी काम किया जा रहा था।

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