इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार (12 फरवरी) को बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है. बैंकों और बीमा संस्थानों के निजीकरण, कर्मचारियों की कमी और पेंशन योजना को खत्म करने के फैसले को लेकर बैंक यूनियनों द्वारा देशभर में हड़ताल की जाएगी. इसका इंदौर में भी व्यापक असर देखने को मिलेगा।
12 फरवरी को बैंक सेवा रहेगी ठप
वित्त मंत्रालय और भारत सरकार की बैंक सेक्टर से जुड़ी विभिन्न नीतियों से देश भर के बैंक कर्मचारी और अधिकारियों में निराशा है. हाल ही में बैंकों से जुड़े 29 प्रकार के श्रम कानून को चार कानून में समाहित कर दिया गया. इसके साथ ही श्रम निरीक्षण से संबंधित व्यवस्था को समाप्त किया गया है।
श्रम संरक्षण संबंधी कानून को खत्म करने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बताया, केंद्र सरकार द्वारा अब बैंकिंग सेक्टर की नीतियां इस तरह बनाई जा रही हैं, जिससे कि श्रमिक संगठनों और श्रमिकों के हितों का संरक्षण श्रम संबंधी कानून के जरिए ना हो सके. ऐसी स्थिति में भविष्य में बैंकिंग सेक्टर से जुड़े फैसलों पर कर्मचारी अथवा अधिकारी श्रम कानून का लाभ पूर्व की तरह नहीं ले पाएंगे।
बड़े उद्योगों के अनुसार बनाई जा रही नीतियां
मध्य प्रदेश बैंक कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष मोहन कृष्ण शुक्ल ने बताया, ष्केंद्र सरकार की नीतियां अब पूंजीपतियों और बड़े-बड़े उद्योगों के मालिकों के हितों के अनुसार तय हो रही हैं. बीते 10 सालों में बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी ऐसी नीतियां तैयार की गई. जिससे उद्योगपतियों का संरक्षण और समर्थन किया गया. वहीं असंगठित क्षेत्र के मजदूर और श्रमिकों के लिए श्रम संगठनों के संरक्षण को भी अपराध की श्रेणी में डाल दिया है।
बैंकिंग सेक्टर में ढाई लाख पद खाली
उन्होंने आगे बताया, ष्जबकि दूसरी तरफ देशभर में बैंकिंग सेक्टर में करीब ढाई लाख पद खाली पड़े हैं, लेकिन केंद्र सरकार बैंकों में स्थाई कर्मचारी नियुक्त करने के बजाय आउटसोर्सिंग से काम चल रही है. इसके अलावा बैंक मित्र और सुरक्षा के लिए ली जाने वाली गार्ड की सेवाओं में भी लोगों का वित्तीय शोषण हो रहा है. ऐसे तमाम मामलों पर केंद्र सरकार से बार-बार किए गए अनुरोध के बावजूद सरकार श्रम संगठनों और श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर रही है।
ऑल इंडिया बैंक कर्मचारी संगठन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन और बैंक कर्मी यूनियन 12 फरवरी को सभी बैंकों में हड़ताल कर प्रदर्शन करने जा रही है. इस हड़ताल को बैंकिंग सेक्टर की तमाम यूनियन के अलावा लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, जीआईसी और अन्य श्रमिक संगठन भी समर्थन कर रहे हैं।
देशभर में बैंक कर्मचारियों का हल्लाबोल, 12 फरवरी को बैंकिंग व्यवस्था रहेगी ठप
