नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन को सत्ता बनाए रखने के लिए बहाने के तौर पर उपयोग करने और महिलाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया तथा दावा किया कि यदि विधेयक पारित हो गया तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा.
उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को लोकसभा के वर्तमान संख्याबल 543 के आधार पर महिला आरक्षण को लागू करना चाहिए और जाति जनगणना के बिना परिसीमन नहीं होना चाहिए.प्रियंका ने गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक कुटिलता का आरोप भी लगाया और तंज कसते हुए कहा, ‘‘यदि आज चाणक्य जिंदा होते तो आपकी कुटिलता से चौंक जाते.’’
उनका कहना था कि सच्चाई यह है कि लोकसभा में हो रही चर्चा महिला आरक्षण विधेयक पर ही नहीं है, बल्कि परिसीमन पर भी है.उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस ‘‘राजनीति की बू’’ का जिक्र किया, वह इस विधेयक में पूरी तरह घुली हुई है.
प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार यह विधेयक लाई है क्योंकि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भागीदारी नहीं देना चाहती है.कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अगर यह विधेयक पारित होता है तो समझ लीजिए कि देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा.कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री ने यह ऐतिहासिक कदम ईमानदारी से उठाया होता तो पूरा सदन इसका समर्थन करता.’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप (प्रधानमंत्री) महिलाओं का सम्मान करते हैं तो महिलाओं का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं करते तथा यह कदम आपके पद और गरिमा के अनुकूल नहीं है.’’
प्रियंका ने कहा, ष्2010 में, दिवंगत प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में, कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रस्ताव फिर से रखा था. यह राज्यसभा में पारित भी हो गया था, लेकिन लोकसभा में इस पर सहमति नहीं बन पाई. 2018 में, राहुल गांधी ने मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि यह महिला आरक्षण 2019 तक लागू होना चाहिए. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री यहां राहुल गांधी का मजाक उड़ा सकते हैं, लेकिन घर लौटने पर वे अपने शब्दों पर विचार जरूर करेंगे।
