भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 8 शहरों में किया जाना है ई-बसों का संचालन
भोपाल। मध्य प्रदेश को जल्द ही केंद्र सरकार से 972 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है, जो न सिर्फ सफर को आरामदायक बनाएंगी बल्कि प्रदूषण और शोर को भी काफी हद तक कम करेंगी. बता दें, राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर तक सरकारी परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ये बसें प्रदेश को स्मार्ट और ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में जहां आगे बढ़ाएंगी, वहीं यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगी.
महिला और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम
नई इलेक्ट्रिक बसों को सभी वर्गों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इनमें दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर स्पेस और आटोमैटिक लिफ्ट की सुविधा दी जाएगी. वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर बस में पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसके अलावा डिजिटल स्क्रीन पर अगले स्टॉप की जानकारी और मोबाइल ऐप से बस की लोकेशन भी देखी जा सकेगी.
प्रदेश के इन शहरों में भी दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें
मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 8 शहरों में ई-बसों का संचालन किया जाना है. इनमें इंदौर में 270, जबलपुर में 200, भोपाल में 195, ग्वालियर और उज्जैन में 100-100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा. जबकि देवास में 55, सागर में 32 और सतना में 20 ई-बसों का संचालन होगा.
भोपाल में चलेंगी 195 बसें, 100 से होगी शुरुआत
भोपाल शहर में 195 ई-बसें दो चरणों में चलाई जाएंगी. शुरुआती दौर में पांच प्रमुख रूटों पर 100 बसें उतारी जाएंगी, जबकि बाकी बसों के लिए रूट चिह्नित किए जा रहे हैं. इन बसों से प्रतिदिन करीब 60 हजार यात्रियों को सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा. भोपाल में ई-बसों के संचालन के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है. कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर में लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक डिपो बनाए जा रहे हैं. इन डिपो में एक साथ 150 बसों की पार्किंग, चार्जिंग और मेंटेनेंस की सुविधा होगी.
ग्वालियर में भी तैयारियां तेज, बसों के संचालन के लिए 10 प्रमुख रूट तय
ग्वालियर में 100 ई-बसों के संचालन के लिए 10 प्रमुख रूट तय किए जा चुके हैं. रमौआ और आईएसबीटी डिपो में चार्जिंग स्टेशन का काम अंतिम चरण में है. मई-जून तक यहां बसें सड़कों पर उतर सकती हैं. पहले चरण में 60 बसें रमौआ और 40 बसें आईएसबीटी डिपो से संचालित होंगी. वहीं इंदौर में भी 270 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने के लिए इंफ्रास्टक्चर तैयार किया जा रहा है.
केंद्र सरकार संभालेगी स्मार्ट सिस्टम
अधिकारियों ने बताया कि बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम यानि आईटीएमएस और पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम लगाए जाएंगे. इनके संचालन और तकनीकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार के पास रहेगी. वहीं आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से सीधे ड्राइवर को निर्देश देने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
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