इंदौर। धार भोजशाला पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने भोजशाला को मंदिर माना है. साथ ही वहां नमाज पढ़ने के आदेश को रद्द कर दिया है. वहीं, इस फैसले को मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है. इसकी संभावना को देखते हुए हिंदू पक्ष ने पहले से पूरी तैयारी शुरू कर ली है. अब जब भी मुस्लिम पक्ष फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगा तो हिंदू पक्ष को भी तर्क रखने का मौका मिलेगा।
दूसरा पक्ष चुनौती देगा तो तर्क रखने का मौका मिलेगा
हिंदू पक्ष की ओर से शुक्रवार देर रात सुप्रीम कोर्ट में फैसले को लेकर केविएट दायर कर दी गई है. मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर करेगा तो इसकी जानकारी सुप्रीम द्वारा हिंदू पक्ष को भी दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम पक्ष की याचिका सुनने के साथ ही हिंदू पक्ष को भी सुनेगा. फैसला आने के बाद से ही मुस्लिम पक्ष फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कर रहा है. इसी के चलते हिंदू पक्ष के अधिवक्ता और याचिकाकर्ता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर की गई है.
हिंदू पक्ष बोला- भोजशाला मंदिर था और रहेगा
याचिकाकर्ता आशीष गोयल और हिंदु फ्रंट फॉर जस्टिस के एडवोकेट विनय जोशी ने इंदौर में बताया ष्केविएट लगाने के बाद अगर दूसरा पक्ष चुनौती देता है तो उन्हें भी सूचित किया जाएगा. उनके पक्ष को भी तर्क रखने का मौका मिलेगा.ष् मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला में शनिवार सुबह से हिंदू समुदाय के लोग पूजा-पाठ करने के लिए उमड़ पड़े. कई समितियों के पदाधिकारी सुबह 5 बजे ही भोजशाला के बाहर जमा हो गए।
इसके बाद भोजशाला परिसर में पूजा-र्चना की. इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. लोगों का कहना है ष्वे लोग हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. भोजशाला मंदिर ही है.ष् दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने भावुक होते हुए कहा ष्सालों बाद उन्हें बिना रोक-टोक पूजा करने का अवसर मिला है।
धार भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई केविएट
