ग्वालियर। जनशक्ति वेलफेयर सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुणेश सिंह भदौरिया’ ने रांची से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के संचालन पर सवाल उठाते हुए इसे यात्रियों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि रांची-दिल्ली मार्ग की कई ट्रेनों में कानपुर से दिल्ली के बीच लगभग ’500 किलोमीटर से अधिक दूरी तक कोई प्रमुख स्टॉपेज नहीं है’, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भदौरिया ने बताया कि इस रूट पर आने वाले ’इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला, आगरा, मैनपुरी, एटा, भिंड, ग्वालियर और मथुरा’ जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लोग इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां से बड़ी संख्या में छात्र, व्यापारी, नौकरीपेशा और मरीज यात्रा करते हैं, लेकिन ट्रेनें बिना रुके निकल जाती हैं।
उन्होंने इसे रेलवे प्रबंधन की बड़ी कमी बताते हुए कहा कि यात्रियों को मजबूरी में लंबा सफर तय करना पड़ता है या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
’हर 200-250 किमी पर स्टॉपेज जरूरी’
अरुणेश सिंह भदौरिया ने मांग की कि यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक 200दृ250 किलोमीटर पर कम से कम एक प्रमुख स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव अनिवार्य किया जाना चाहिए। विशेष रूप से ’शिकोहाबाद, फिरोजाबाद या टूंडला जंक्शन’ पर स्टॉपेज सुनिश्चित किया जाए।
’रेल मंत्री और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग’
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ’योगी आदित्यनाथ’ से आग्रह किया कि इस गंभीर जनसमस्या को ’रेल मंत्री और प्रधानमंत्री’ के संज्ञान में लाया जाए, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकल सके। भदौरिया ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह क्षेत्र के लाखों यात्रियों के साथ अन्याय होगा।
अरुणेश सिंह भदौरिया की मांग,500 किमी बिना स्टॉप ट्रेनों के संचालन से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
