प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की संदिग्ध मौत की जांच ब्ठप् से कराने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी कर अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अभिनेत्री की मां मधु दुबे द्वारा दाखिल याचिका पर दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी व अन्य को सुनने के बाद कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर गौर किया.
समर सिंह पर हत्या का आरोपः अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कोर्ट को जानकारी दी कि वाराणसी के एक होटल के कमरे में आकांक्षा दुबे का शव रहस्यमय परिस्थितियों में पाया गया था. इसके बाद अभिनेत्री की मां मधु दुबे ने हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए समर सिंह के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाने में 26 मार्च 2023 को एफआईआर दर्ज कराई थी. याची ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. इस याचिका के माध्यम से उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है.
सीबीआई जांच पर कोर्ट का रुखः सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े तमाम तथ्यों और अब तक की पुलिसिया जांच का विश्लेषण किया. अभिनेत्री की मां का मानना है कि हत्या का एंगल सही ढंग से नहीं तलाशा गया, इसीलिए उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी पर भरोसा है. हाईकोर्ट ने फिलहाल निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे अब सभी की निगाहें कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिक गई हैं. यदि कोर्ट सीबीआई जांच के आदेश देता है, तो इस मामले में एक बड़ा मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है.
