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ग्वालियर। नवरात्रि की शुरुआत हो गई है. 9 दिन चलने वाले इस पर्व को नारी शक्ति के रूप में भी मनाया जाता है. ग्वालियर में नवरात्रि के पहले दिन ऐसा वाकया हुआ जो मिसाल बन गया. ग्वालियर कलेक्टर ने पार्षद पतियों की ऐसी क्लास लगाई की सब की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई. उन्होंने अपनी पत्नियों की जगह मीटिंग अटेंड करने आए पार्षद पतियों को फटकार लगा दी. इस तरह कलेक्टर ने महिलाओं को कमजोर समझने वालों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने नारी शक्ति की अनदेखी पर नाराजगी जताई.
यह है पूरा मामला
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने सोमवार को कलेक्ट्रेट वार्ड पार्षदों की एक बैठक बुलाई थी. ये बैठक शहर की समस्याओं को लेकर थी. कई वार्डों में महिला पार्षद हैं. ऐसे में 4 महिला पार्षदों की जगह उनके पति बैठक में शामिल होने पहुंचे थे. प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कलेक्टर जब मीटिंग हॉल में आईं तो महिला पार्षदों की जगह उनके पतियों को बैठा देख दंग रह गई. उनको बहुत गुस्सा आया. उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और तुरंत चारों को आगे की सीट छोड़कर पीछे दर्शक दीर्घा में बैठने को कह दिया. फिर क्या था वे सभी अपना सा मुंह लेकर पीछे चले गए.
लोकतंत्र का न बनाएं मजाक
कलेक्टर रुचिका चौहान इस हरकत पर बेहद खफा थीं. इसलिए ये बात यहीं नहीं खत्म हुई. उन्होंने बैठक के दौरान सबसे दो टूक कहा कि अब महिलाएं सबल हैं और पत्नियों को ही काम करने दो. नवरात्र का समय महिला शक्ति का प्रतीक है. यदि जनता द्वारा चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी खुद निभाने की जगह अपने पतियों की सौंप देंगी तो यह लोकतंत्र का मजाक होगाष्
भविष्य के लिए दी चेतावनी
कलेक्टर की फटकार के बीच पार्षद पतियों ने सफाई देने की भी कोशिश की. एक पार्षद ने यह भी कहा कि ष्आज उसकी पत्नी व्यस्त थीष्. इस बात पर भी कलेक्टर रुचिका चौहान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि ष्आज के बाद भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, यदि ऐसा हुआ तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पत्नियों की जगह बैठक में शामिल होने पहुंचे पार्षद पतियों को कलेक्टर ने लगाई कड़ी फटकार
