कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने कानपुर देहात के भोगनीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के बहाने आरक्षण, नौकरी और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनने की साजिश रची जा रही है.
दलित, पिछड़े और आदिवासियों के अधिकार खतरे में
अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश के दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को जो अधिकार संविधान के माध्यम से दिए हैं, उन्हें छीनने की तैयारी की जा रही है.उन्होंने कहा, एसआईआर के बहाने यह लोग आरक्षण, नौकरी और आपके अधिकार छीन लेंगे. बाबा साहेब ने जो हमे अधिकार दिए हैं एसआईआर उसे छीनने की साजिश है. दलित, पिछड़े आदिवासियों को संविधान में अधिकार मिले उसे छीनने की तैयारी है।
महंगाई और बेरोजगारी चरम पर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में महंगाई और बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार में महंगाई चरम सीमा पर है, जिससे आम जनता का जीवन यापन मुश्किल हो गया है. अखिलेश यादव ने जोर दिया कि बेरोजगारी चरम पर है, और युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जो देश के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती है।
चुनाव आयोग बोला-एसआईआर पर अनावश्यक डर फैला रहे राजनीतिक दल
केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में ैप्त् मामले पर सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दल ैप्त् को लेकर अनावश्यक डर फैला रहे हैं. इसके बाद चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने केरल ैप्त् के खिलाफ दाखिल याचिका पर चुनाव आयोग से एक दिसंबर तक जवाब मांगा है. कोर्ट ने इसके अलावा आयोग से अलग से स्टेट्स रिपोर्ट भी दाखिल करने को कहा. इस मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।
