भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार के बाकी ढाई साल की तैयारियों में सरकार जुट गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संगठन के पदाधिकारियों के मौजूदगी में प्रदेश के 20 मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की. इस दौरान मंत्रियों से उनके विभाग के कामकाज के अलावा प्रभार वाले जिलों में पार्टी संगठन की स्थिति, चुनावी वादों, बूथ मैनेजमेंट और आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर तैयारियों पर चर्चा की गई.
मंत्रियों से चर्चा के दौरान सरकार और संगठन के समन्वय को लेकर चर्चा हुई
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंत्रियों से चर्चा को लेकर बताया कि मंत्रियों से चर्चा के दौरान सरकार और संगठन के समन्वय को लेकर चर्चा हुई. इसके अलावा प्रभार वाले जिलों में मंत्रियों ने कितने प्रवास किए, जिलों में संगठन की बैठकों को ठीक तरीके से लिया गया या नहीं, जिला संगठन के पदाधिकारियों के साथ उनका तालमेल किस तरह का रहा है, इसको लेकर संगठन पदाधिकारियों द्वारा चर्चा की गई.
योजनाओं और नीतियों का जिलों में कितना असर है, मंत्रियों से फीडबैक लिया गया
वन-टू-वन चर्चा के पहले जिलों से भी मंत्रियों का फीडबैक मांगा गया था. हेमंत खंडेलवाल ने बताया, मंत्री के विभाग और प्रभार वाले जिलों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चर्चा की. इस दौरान किसी मंत्री के किसी भी जिले में दौरा करते समय, जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति, आंगनबाड़ी केन्द्रों और सरकार की योजनाओं और नीतियों का जिलों में कितना असर है, इसको लेकर उनसे फीडबैक लिया गया. सरकार और संगठन के तालमेल को लेकर मंत्रियों से बात की गई.
सरकार के वादों कितने हुए पूरे
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्रियों से पूछा गया कि चुनाव के दौरान सरकार द्वारा किए गए उनके विभाग से संबंधित कितने वादे अभी पूरा होना बाकी है. अभी तक कितने वादे पूरे किए जा चुके हैं और अभी और कितने बाकी हैं? उनको पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से उनके विभाग की उपलब्धियों के बारे में भी पूछा. उन्होंने सवाल किया कि पिछले ढ़ाई साल में विभाग द्वारा क्या-क्या नई पहल शुरू की गई? मंत्रियों से सवाल किया गया कि उनके द्वारा प्रभार वाले जिलों में अभी तक कितने दौरे किए गए? इस दौरान कितनी बैठकें उनके द्वारा ली गई और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान क्या-क्या निर्णय लिए गए? इन दौरों के दौरान मंत्री संबंधित जिले में कितनी बार रात भी रुके.
आगामी निकाय चुनाव को लेकर भी चर्चा
बैठक के दौरान मंत्रियों से आगामी नगर पालिक और ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर भी चर्चा की. साथ ही प्रभार वाले जिलों के अलावा उनके विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले नगरीय निकायों और पंचायतों को लेकर भी चर्चा की गई. मंत्रियों से सवाल किया गया कि उनके प्रभार वाले जिले और विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन सी सीटें मजबूत हैं और किस पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है? इस दौरान नगरीय निकाय चुनावा के लिए प्रत्याशी चयन, चुनावी रणनीति और युद्ध स्तर की तैयारी पर भी मंत्रियों से फीडबैक लिया गया. बैठक के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित थे।
एमपी: मोहन यादव ने मंत्रियों से लिया ढाई साल का हिसाब-किताब
