Warning: Undefined array key 0 in /home/webhutor/nandkesari.com/wp-content/plugins/contact-form-7/includes/file.php on line 268
दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में केजरीवाल समेत छह आरोपियों को जारी किया नोटिस - Nand Kesari || Top News || Latest News

दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में केजरीवाल समेत छह आरोपियों को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत छह आरोपियों के खिलाफ शुरु की गई अवमानना की कार्यवाही पर सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है. जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि अवमानना करने वाले कंटेंट को संरक्षित रखे. बता दें कि 14 मई को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने केजरीवाल समेत छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया था. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने केजरीवाल के अलावा संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, विनय मिश्रा और दुर्गेश पाठक को अवमानना का नोटिस जारी किया था. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग करते हुए दूसरे बेंच के पास सुनवाई के लिए भेज दिया था।
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा था कि अगर इन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अराजकता फैलेगी. जस्टिस शर्मा ने कहा कि जब संस्था को ट्रायल पर रखा जाता है तो ये जज का कर्तव्य है कि वो इन आरोपों से संचालित न हो. उन्होंने कहा था कि कोर्ट को ये पता चला कि पत्र और वीडियो के जरिये सोशल मीडिया कैंपेन चलाया गया जो काफी सर्कुलेट हुआ. ये एक सुनियोजित और संगठित कैंपेन था. जस्टिस शर्मा ने कहा था कि कोर्ट के अंदर हुई कार्यवाही को कोर्ट के बाहर एक समानांतर नैरेटिव चलाया गया।
जस्टिस शर्मा ने कहा था कि उन्हें निष्पक्ष आलोचना और असहमति को स्वीकार करने का प्रशिक्षण मिला है. सोशल मीडिया पर कैंपेन के जरिये न केवल किसी एक जज के खिलाफ नैरेटिव बनाया गया बल्कि ये पूरी न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा किया गया. नैरेटिव चलाने वाले कुछ लोगों को राजनीतिक शक्ति भी हासिल है. संपादित वीडियो सर्कुलेट किया गया। जस्टिस शर्मा ने कहा था कि जब मैंने अपना फैसला सुनाया तो उनके पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प था लेकिन वे सुप्रीम कोर्ट नहीं गए बल्कि वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ कैंपेन चलाया गया. जस्टिस शर्मा ने कहा था कि मेरी ड्यूटी संविधान के प्रति है. जब उन्होंने ये रास्ता चुना तो हमने भी दूसरा रास्ता चुना. उन्होंने कहा था कि कोर्ट के अंदर केजरीवाल ने कहा कि वे कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन बाहर उन्होंने हमारे खिलाफ अभियान चलाया.
बता दें कि 20 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने दिल्ली आबकारी मामले में बरी करने के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से हटने की अरविंद केजरीवाल की मांग को खारिज कर दिया था. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि मैं इस आरोप से प्रभावित हुए बिना ही अपना फैसला सुनाउंगी, ठीक वैसे ही जैसा कि मैं ने अपने 34 वर्षों के न्यायिक करियर में हमेशा किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al superbetin pashagaming jojobet jojobet giriş holiganbet instagram unban service instagram unban service