ग्वालियर। भाजपा ने निगम मंडलों की भारी बरसात कर प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव को चिंता मुक्त कर दिया है। हालांकि इन इन निगम मंडलों का सर्वाधिक लाभ ग्वालियर चंबल संभाग लेने में कामयाब रहा लेकिन अब इनके गठन हो जाने के बाद जो तश्वीर उभर कर सामने आई है उससे साफ हो गया है कि भाजपा ने अगले विधान सभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इस बात को लेकर एक ओर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने जहां चैन की सांस ली है तो वहीं अभी भी निगम मंडलों के कुछ खेमे ऐसे शेष बचे है जहां भाजपा आलाकमान का ध्यान अभी तक नहीं पहुंचा है। इन खेमांे को पूरी उम्मीद है कि पार्टी जल्दी ही उनकी भी खबर लेगी। पार्टी में फैले इस असंतोष की जब पडताल की गई तो तब इस बात का खुलासा हुआ। जिसके तहत कुछ ने नाम नहीं उजागर करने पर कहा कि पार्टी ने सम्पन्न व सक्षम कार्यकर्ताओं को पहली प्राथ्मिकता देकर निगम मंडलों की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन हम मजदूर वर्ग तथा झुग्गी वालों की सुध लेना लगता है पार्टी हाईकमान ने भुला दिया है। अपनी उपेक्षा से मायूस इन कार्यकर्ताओं का कहना हैं कि जब चुनाव आते है तो सबसे पहले हमें ढूंढा जाता है लेकिन जब सम्मान व पुरस्कार की बात आती है तो पार्टी या तो हमें भूल जाती है या फिर सबसे बाद में हमारी बारी आती है। इसमें एक वर्ग उस दौर का भी शामिल है। जिन्होंने पार्टी को वर्ष 2003 के समय में कडा संघर्ष कर मजबूत बनाने का कार्य किया था। बेशक आज वे उम्र दराज हो चुके है लेकिन उनकी भी नजरें आलाकमान की ओर लगी है उन्हें भरोसा है कि पार्टी उनके द्वारा कठिन समय में किये गये संघर्ष को अवश्य ध्यान रखेगी।
अपने ही मजदूर व झुग्गी वाले कार्यकर्ताओं को भूली मोहन सरकार
