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पणजी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ के 550 वर्ष पूरा होने पर आयोजित समारोहों के क्रम में गोवा में भगवान राम की 77 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया. पीएम मोदी ने दक्षिण गोवा के पर्तगाली स्थित मठ के मंदिर का भी दौरा किया. बताया जाता है कि यह मठ भारत के सबसे पुराने मठों में से एक है, जो अपने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिए जाना जाता है. इसका सारस्वत समुदाय में प्रमुख स्थान है।
प्रधानमंत्री ने मठ द्वारा बनाए गए श्रामायण थीम पार्कश् का भी उद्घाटन किया. उन्होंने स्पेशल पोस्टल स्टैम्प और एक यादगार सिक्का भी जारी किया.इस बारे में गोवा के लोक निर्माण विभाग मंत्री दिगंबर कामत ने बताया कि गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (सरदार पटेल की प्रतिमा) का डिजाइन तैयार करने वाले मूर्तिकार राम सुतार ने भगवान राम की यह प्रतिमा बनाई है. उन्होंने कहा कि विश्व में भगवान राम की यह सबसे ऊंची प्रतिमा है।
इस अवसर पर गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी उपस्थित थे. इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के उडुपी में श्री कृष्ण मठ में लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक रोड शो किया. प्रधानमंत्री ने कृष्ण मंदिर के सामने बने सुवर्ण तीर्थ मंडप का भी उद्घाटन किया और पवित्र कनकना किंदी के लिए कनक कवच (सोने का कवर) समर्पित किया. माना जाता है कि यह एक पवित्र खिड़की है जिससे संत कनकदास को भगवान कृष्ण के दिव्य दर्शन हुए थे।
कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने उडुपी में भारतीय जनता पार्टी की पिछली पार्टी, जनसंघ के गुड गवर्नेंस मॉडल की तारीफ की. इसके बाद उन्होंने यहां श्री कृष्ण मठ में लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम में में एक लाख भक्तों के साथ भगवत गीता के श्लोक पढ़े
भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुभव कर रहा
भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मोदी एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुभव कर रहा है और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का व्यापक जीर्णोद्धार और उज्जैन में महाकाल महालोक का विस्तार देश की चेतना को दर्शाते हैं.उन्होंने कहा,‘‘आज भारत एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुभव कर रहा है. अयोध्या में राम मंदिर का जीर्णोद्धार, काशी विश्वनाथ धाम का व्यापक जीर्णोद्धार और उज्जैन में महाकाल महालोक का विस्तार, ये सभी देश की नयी चेतना और इसकी आध्यात्मिक विरासत के सशक्त पुनरुत्थान के उदाहरण हैं.’’ उन्होंने कहा कि यह पुनर्जागरण भावी पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करेगा।
गोवा के इतिहास का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि ऐसे समय भी आए जब गोवा के मंदिरों और स्थानीय परंपराओं को भाषा और सांस्कृतिक पहचान पर दबाव के कारण संकट का सामना करना पड़ा, लेकिन ये परिस्थितियां समाज की आत्मा को कमजोर नहीं कर सकीं, बल्कि उन्होंने इसे और भी दृढ़ बनाया. उन्होंने कहा कि यह गोवा की अनूठी विशेषता है कि इसकी संस्कृति ने हर बदलाव में अपने मूल स्वरूप को बरकरार रखा है और समय के साथ ये पुनर्जीवित भी हुई है।
