ग्वालियर। आर्य समाज मंदिर मुरार में महर्षि दयानंद बोधोत्सव पर विशाल व्याख्यान माला,यज्ञोपदेश, भजनोपदेश, प्रसादवितरण,में सैकडो सदस्यो और आम जनता ने सहभागिता की। इस अवसर पर गुरुकुलीय स्नातक, पुरोहित डाक्टर सत्येंद्र शास्त्री,ने यज्ञ कराया और वेदो मै शिव विषय पर 15वेद मन्त्रो में सच्चे शिव निराकार की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि जो आर्य समाज से नहीं जुडा वह मन्दिरो के सामने लाइन में लगकर धक्के खाते है.यज्ञ ही तीर्थ के समान है। इसी क्रम में आचार्य गुरुदत यादव ने ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना की महिमा विषय पर विस्तार से बताया।उन्होने कहा कि सच्चे शिव की खोज ऋषि दयानंद ने की। कोई भी लिग धर्म का कारण नही होता है।
अगले क्रम में भजनोपदेश करते हुऐ सुशीला यादव, उमाशंकर चौकसे,मानसिंह यादव, दयाराम यादव, आदि ने शिवरात्रि और ऋषि दयानंद के भजन-कीर्तन किया। वहीं प्रधान राम प्रकाश वर्मा ने मानसिंह यादव और गुरुदत यादव को शाल ,श्रीफल व ओम पट्टिका से सम्मानित किया।आभार व्यक्त मन्त्री सुरेन्द्र राणा ने किया।इस दौरान सभी को उपवास खिचडी फलाहार वितरण किया गया । ।जरूरत मंदों को प्रसाद वितरण किया।सत्यार्थ प्रकाश पुस्तक का वाचन, शान्तिपाठ जय घोष के साथ आज के कार्यक्रम का समापन किया गया।
महाशिवरात्रि पर ऋषि दयानंद बोधोत्सव यज्ञोपदेश भजनोपदेश कार्यक्रम हुआ
